एसडी एफटीसी यशपाल वर्मा की अदालत ने नेवढ़िया क्षेत्र में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर छल व षड्यंत्र कर 25.77 करोड़ रुपए लेकर चंपत होने वाले संस्था के कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश कोर्ट ने प्रभारी निरीक्षक नेवढ़िया को आदेश दिया कि रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करें व एक सप्ताह में एफआईआर की कापी न्यायालय में प्रेषित करें।
वादी ओम प्रकाश मौर्य निवासी करमौवा कला, नेवढ़िया ने अपने अधिवक्ता उमेश सिंह के माध्यम से कोर्ट में 173 बी एन एस एस के तहत एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया। आरोपी नागेश कुमार मिश्रा, सहदेव प्रजापति निवासी उत्तरपट्टी नेवढ़िया, विश्वनाथ गुप्ता, बाबूलाल गुप्ता निवासी वाराणसी, समीर अग्रवाल सीएमडी मुंबई महाराष्ट्र व शादाब हुसैन निवासी जालौन के विरुद्ध कि बचपन के मित्र सहदेव प्रजापति वादी से कहे कि एक संस्था है उससे जुड़ जाओ। वादी उसके बहकावे में आ गया। वादी से ब्रांच खोलने के नाम पर संस्था के सदस्य विश्वनाथ गुप्ता एक लाख रुपए नकद व एक लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से लिया। आरोपी के बहकावे में आकर वादी ब्रांच मैनेजर शाखा नेवढ़िया बनने को तैयार हो गया। दीनानाथ दुबे, राजकुमार गुप्ता समेत करीब 190 लोगों की सहकारी प्रतिपालकों के रूप में नियुक्ति की गई। संस्था द्वारा पूर्व में कई बार निवेश की गई धनराशि परिपक्वता अवधि पूर्ण होने के बाद लौटाई गई लेकिन कई निवेशकों की धनराशि दिसंबर 2024 तक संस्था द्वारा वापस नहीं की गई। एक दिसंबर 2024 को सुबह 10 बजे वादी अपने ब्रांच के सिस्टम पर बैठकर वेबसाइट खोलने लगा तो वेबसाइट लाक दिखने लगी। समिति के अधिकारी से बात करना चाहा तो सभी का मोबाइल बंद मिला। वादी ने घटना की सूचना पुलिस के उच्च अधिकारियों को जनवरी 2025 में दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।आरोपि ने कूटरचित दस्तावेज तैयार करके छल व धोखाधड़ी, षड्यंत्र से निवेशकों की 25.77 करोड़ रुपए की ठगी किया। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया गंभीर मामला पाते हुए आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।