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थानाध्यक्ष बदलापुर समेत चार के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश

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जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश स्पेशल कोर्ट एससी एसटी एक्ट ने थानाध्यक्ष बदलापुर समेत चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश प्रभारी थानाध्यक्ष को दिया है। रिपोर्ट दर्ज कर उसकी सूचना कोर्ट में भेजने का भी आदेश दिया गया है। थानाध्यक्ष पर कानून की अवहेलना का तथा अन्य आरोपियों पर लूट व छेड़खानी का आरोप है। वादी ने अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में धारा 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत प्रार्थना पत्र दिया कि 23 दिसंबर को 2 बजे दिन उसकी बहन लेदुका बाजार से सामान खरीद कर घर आ रही थी। आरोपी गणेश मिश्र, रजनीश और शिवाकांत ने उसे जातिसूचक गालियां देते हुए छेड़खानी किया, उसके कपड़े फाड़ दिए, उसकी सिकड़ी एवं रुपए लूट लिया। बहन ने शोर मचाया तो आस पास के लोग दौड़े और आरोपी फरार हो गया। उसके खिलाफ थाने में तहरीर दी गई और उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की गई लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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मड़ियाहूं थानाध्यक्ष को पुलिस एक्ट के तहत दंडित करने की चेतावनी
जौनपुर। कोर्ट के आदेश की अवहेलना करना थानाध्यक्ष को भारी पड़ गया। मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के लूट के एक मुकदमे में लूटी गई बाइक की बरामदगी के संबंध में आख्या न देने पर एसीजेएम प्रथम ने थानाध्यक्ष मड़ियाहूं को आईपीसी व पुलिस एक्ट के तहत दंडित करने की चेतावनी दिया एवं विभागीय कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को भी आदेशित करने के लिए आगाह किया। नियत तिथि पर यदि वह उपस्थित होकर स्पष्टीकरण नहीं देते तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
बरसठी थाना क्षेत्र के बड़ेरी गांव निवासी रमेश ने अदालत में दरखास्त दिया था कि मड़ियाहूं थाना क्षेत्र में हुई लूट व मारपीट के मामले में उसकी बुलेट मोटरसाइकिल पुलिस ने बरामद किया जो थाना मड़ियाहूं के कब्जे में है। उसने न्यायालय से बुलेट रिलीज कराने के लिए दरखास्त दिया जिस पर न्यायालय ने थानाध्यक्ष मड़ियाहूं से रिपोर्ट तलब की लेकिन बार-बार आदेश के बावजूद थानाध्यक्ष द्वारा रिपोर्ट नहीं दी गई। कोर्ट ने इसे आपत्तिजनक एवं न्यायिक आदेशों की अवहेलना मानते हुए थानाध्यक्ष को नियत तिथि पर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने एवं स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है कि उन्होंने किन परिस्थितियों में आदेश का पालन नहीं किया। नियत तिथि पर उपस्थित न होने पर एवं स्पष्टीकरण न देने पर कोर्ट यह समझेगी कि उन्हें अपना पक्ष नहीं रखना है और उनके खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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