जौनपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत ने विधि सम्मत कार्य न करने पर सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम और एसपीओ को आदेशित किया है। वहीं थानाध्यक्ष सुरेरी पर कार्रवाई के लिए एसपी को निर्देश दिया है। मामला दुष्कर्म का आरोप झूठला कर पीड़िता पर ही केस दर्ज कराने से जुड़ा है।
सुरेरी थाना क्षेत्र में गत दो दिसंबर को दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए एक महिला ने जेठ पर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना में घटना झूठी बताते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी। वादिनी पर झूठा मुकदमा लिखाने का आरोप पाते हुए एनसीआर दर्ज किया। उसी एनसीआर की विवेचना के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र को एपीओ ने समर्थित करते हुए कोर्ट से कहा कि इस पर विचार करने की सलाह दी थी। न्यायालय ने विधिक प्रावधानों का हवाला देते हुए प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। इसे नियमविरुद्ध मानते हुए एपीओ और एसओ पर कार्रवाई के लिए आदेशित किया।