जौनपुर। पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इटावा में कथा वाचक विवाद को निंदनीय बताते हुए कहा कि विपक्ष इस घटना को जातीय रंग देकर राजनीति कर रहा है। कहा कि सपा मुसलमानों के वोट बैंक की राजनीति भले कर रही है लेकिन पुराने सहयोगी आजम खान को दरकिनार कर दिया है। वे सोमवार को शाहगंज के सबरहद उजरौटी पुरवा व खेतासराय के अमरेथुआ और नौली में जनचौपाल संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री अखिलेश यादव पर हमलावर रहे। शाहगंज : सबरहद उजरौटी पुरवा में जन चौपाल में सोमवार की शाम पौने पांच बजे पहुंचे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। तंज कसा कि जब रमाकांत यादव जेल में थे, तब अखिलेश उनसे मिलने जाते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी आगामी पंचायत चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। उन्होंने शिक्षा को शेरनी का दूध बताते हुए कहा कि इसे जो पीएगा वही दहाड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना की सराहना करते हुए कहा कि 140 करोड़ लोगों के लिए आयुष्मान कार्ड तैयार कराए जा रहे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव के जन्मदिन पर बधाई देते हुए कहा कि व्यक्तिगत तौर पर किसी से बैर नहीं लेकिन राजनीति में विचारों का मतभेद जरुरी। खेतासराय : कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अमरेथुआ गांव में पहुंचकर सबसे पहले महाराजा सुहलदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। राजभर ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने देश की एकता और अखंडता को कायम रखा और देश की संपत्ति को डूबने से बचाया। पूर्व की सरकारों और इतिहासकारों ने उनका नाम इतिहास में नहीं लिखा, लेकिन हम प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करते हैं जिन्होंने 22 वर्षों के संघर्ष के बाद हमें यह पहचान दिलाई। इसके बाद मंत्री क्षेत्र के नौली गांव में ज्ञानचंद राजभर के आवास के सामने सभा की। कहा कि शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन आ सकता है। उन्होंने सरकार द्वारा जाति जनगणना का निर्णय लेने का स्वागत किया। इस मौके पर शिव दवर राजभर, डॉ.उदयभान राजभर, लखंदर राजभर, दीपक राजभर, लालबहादुर राजभर, सूरज राजभर आदि उपस्थित रहे।
अखिलेश दिन-रात मेरा नाम जप रहे-राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव सत्ता से 2017 से बाहर हैं और सत्ता पाने के लिए बेहद व्याकुल हैं। सत्ता के गलियारे में ओमप्रकाश राजभर, संजय निषाद, अनुप्रिया पटेल और जयंत चौधरी जैसे लोग गेट पर खड़े हैं। वहां नो इंट्री का बोर्ड लगा है। यही वजह है कि अखिलेश बेचैन होकर दिन-रात मेरा नाम जप रहे हैं।