अपने परिवार के साथ राजेश सिंह
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राजेश ने बताया कि वहां बिजली व इंटरनेट व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। खाने के लाले पड़ गए थे। रास्ते में जहां दिक्कतें हुई सिर्फ मोदी और इंडिया कहना ही काफी होता था। सरकार के ऑपरेशन कावेरी के तहत भारी सुरक्षा के तहत पानी के जहाज से सऊदी के जेद्दा एयरपोर्ट पहुंचाया गया। किसी की जेब में एक रुपये भी नहीं था। वृद्ध मां चंद्रावती सिंह बेटे को सामने पाकर जहां बेहद खुश दिखी, वहीं पत्नी सुनीता सिंह के खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पुत्री ज्योति, बेटा वीरू सिंह, गोलू सिंह व भाई-भाभी राजेश को सकुशल घर वापसी पर बेहद खुश नजर आए।
सूडान में फंसे क्षेत्र के गैरवाह निवासी राकेश कुमार भी रविवार को सकुशल घर लौट आए। राकेश बीते अगस्त में सूडान के शोभा शहर में प्लंबर का काम करते थे। राकेश बताते हैं कि शोभा में हालात खारतून जैसे तो नहीं थे, लेकिन रोजाना उड़ रही अफवाहों से डर का माहौल पैदा हो गया था।
सरकार के ऑपरेशन कावेरी शुरू करने के बाद तमाम लोगों को कंपनी की बस से पहले फौज के एयरबेस पर पहुंचाया गया। वहां से फिर सऊदी अरब के जेद्दा एयरपोर्ट लाया गया। इसके बाद वहां से दिल्ली और फिर घर तक पहुंचाया गया। राकेश के सकुशल घर आने के बाद पत्नी प्रमिला, पिता मनीराम व उनके तीन बच्चे क्रमश: खुशी, अंशू व दिव्यांशु ने राहत की सांस ली।