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गंभीर बीमारी हो तभी अस्पताल आएं, वरना बस फोन मिलाएं...

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जौनपुर। तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के कारण अस्पतालों में लॉक डाउन के वक्त लागू व्यवस्था को ही फिर से बहाल किया गया है। अब जिला अस्पताल समेत किसी भी सीएचसी में ओपीडी नहीं चलाई जाएगी। निजी अस्पतालों में भी मरीजों के दवा-उपचार पाबंदियों के तहत होगा। डॉक्टरों ने अपील की है कि अगर गंभीर बीमारी न हो तो अस्पताल आने से बचें। सामान्य बीमारी या परामर्श के लिए फोन पर संपर्क कर सकते हैं।
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जिला अस्पताल में स्थापित कोविड कमांड सेंटर में तीन शिफ्टों में चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। इसके लिए प्रत्येक पाली में अलग-अलग विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। उनके नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं। इसी तरह निजी अस्पतालों के चिकित्सकों के नंबर भी सार्वजनिक कर उनसे फोन पर ही दवा-परामर्श लेने को कहा गया है। इस सुविधा से अस्पतालों में बेवजह की भीड़ कम होगी तो मरीजों को भी आसानी से लाभ मिल सकेगा। ----
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए हर किसी को सावधानी बरतने की जरूरत है। सार्वजनिक स्थल और भीड़भाड़ वाले इलाके से दूर रहें। इमरजेंसी पड़ने पर ही अस्पताल में जाएं। जिले के सरकारी और निजी चिकित्सकों का फोन नंबर जारी कर दिया गया है। किसी तरह की दिक्कत होने पर घर से फोन कर दवा के बारे में जानकारी कर सकते हैं। 25 से अधिक चिकित्सकों को फोन नंबर जारी कर दिया गया है। टेलीफोनिक मेडिसिन की सुविधा बढ़ाने के लिए और चिकित्सकों की सूची तैयार की जा रही है। कोविड संक्रमण से बचने के लिए लोग घर पर ही रहें। चिकित्सक से फोन पर दवा का नाम पूछकर सामान्य बीमारी का इलाज कर सकते हैं। ज्याद परेशानी होने पर अस्पताल जाएं। -डॉ. राकेश कुमार, सीएमओ।
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कोरोना संक्रमण से बचने के लिए निजी अस्पतालों में भी ओपीडी कम करने की पहल शुरू हो गई है। सभी को मिलकर इसमें सहयोग की जरूरत है। इस बार कोरोना का संक्रमण पिछले बार की अपेेक्षा ज्यादा खतरनाक है। इसकी रफ्तार भी तेज है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह अस्पताल जाने के बजाय घर बैठे ही टेलीफोनिक मेडिसिन से सामान्य बीमारी का इलाज करा सकते हैं। ऐसे में निजी अस्पताल का चक्कर लगाने के बजाय घर से चिकित्सक को फोन करके अपनी परेशानी बताकर दवा ले सकते हैं। मरीजों को भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अपनी सुरक्षा के साथ दूसरों का भी बचाव करने की जरूरत है। मरीजों के लिए अपराह्न एक बजे तक टेलीफोनिक मेडिसिन की सुविधा दी जा रही है। -डॉ. एनके सिंह, जिलाध्यक्ष आईएमए।
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