जौनपुर। शहर में अमृत योजना के तहत चल रहे सीवर लाइन का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। हाल यह है कि 179 किमी के मुकाबले शहर में अब तक महज 86 किमी ही पाइपलाइन बिछाई जा सकी है। जबकि इसको पूरा करने की समय सीमा मार्च 2023 तक रखी गई थी। यह समय बीतने के बाद भी काम में तेजी नहीं आने के कारण कार्य करने वाली टेक्नोक्राफ्ट लिमिटेड के भुगतान में दस फीसदी का जुर्माना लगाया गया है।
अमृत योजना के तहत शहर में 179 किमी पाइप बिछानी है। इसका काम 208 करोड़ की लागत से हो रहा है। अब तक इसमें महज 82 किमी ही सीवर पाइप लाइन बिछाई गई है। अक्तूबर 2019 से चल रहे इस कार्य की कई बार समय सीमा बढ़ाते हुए मार्च 2023 तक का समय दिया गया। बावजूद यह काम मजह 38 फीसदी ही हो सका है। अब तक कंपनी को 60 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसमें विभागीय खर्च को जोड़कर कुल 77 करोड़ रुपये भुगतान हुआ। जुर्माना लगाते हुए अप्रैल 2023 में हुए भुगतान में 10 फीसदी कटौती के साथ भुगतान किया गया है। काम धीमी गति से होने के कारण पूर्व में कंपनी को एक बार और जुर्माना लगाया जा चुका है। प्रशासन की तरफ से कई बार चेताने के बाद भी कार्य प्रगति में कोई सुधार नहीं होने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
वर्तमान में देखा जाए तो कचहरी से लाइन बाजार मार्ग, टीबी हास्पिटल, किला से सिपाह मार्ग, नईगंज से ईदगाह मार्ग, सद्भावना से कचहरी मार्ग पर गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। सड़क की अभी तक मरम्मत पूरी नहीं हुई।
सबसे खराब स्थिति रुहट्टा-कालीकुत्ती संपर्क मार्ग की
नगर में सीवर लाइन खोदाई में सबसे खराब स्थिति रुहट्टा से कालीकुत्ती संपर्क मार्ग की है। यहां पर जेसीबी से बेतरतीब तरीके से खोदाई कर दी गई। जिससे पाइप लाइन कट गई और सड़क धंस रही है। लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है, गाड़ियां भी फंस जा रही है।
अमृत योजना के तहत नगर में 179 किमी सीवर पाइप लाइन में से 82 किमी ही बिछाई गई है। यह कुल काम का 38 फीसदी है। मार्च 2023 तक काम पूरा करना था। अब इनका जब भी भुगतान होगा उस पर 10 फीसद कटौती की जाएगी। जब तक शासन से कोई आदेश नहीं प्राप्त होगा, पेनाल्टी के तौर पर कटौती जारी रहेगी।
- सचिन सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम।