जौनपुर। नए मोटर कानून के विरोध में दूसरे दिन मंगलवार को भी चालकों ने विरोध प्रदर्शन किया। इससे लोगों की आवश्यक सेवाएं प्रभावित रहीं। पेट्रोल पंप पर पेट्रोल व डीजल की कमी होने से लोगों की भीड़ लगी रही, तो मंडियों में सब्जियों के न पहुंचने से दाम में भी बढ़ोतरी देखी गई। रोडवेज से लेकर प्राइवेट बसों के न चलने से यात्रियों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। हालांकि निजी वाहन संचालकों की चांदी रही। अधिकारियों के दबाव रोडवेज से कुछ ही रूटों पर बसें निकली। दूसरे दिन करीब 1600 वाहनों के खड़े रहने से करीब आठ करोड़ का नुकसान हुआ।
जौनपुर डिपो में कुल 77 बसें है, जिसमें मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के दबाव पर 17 बसें लखनऊ, वाराणसी, शाहगंज के लिए निकाली गई। वहीं 60 बसें खड़ी रही है। सभी रूटों पर बसें नहीं निकलने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं डिपो में करीब आठ लाख की आय प्रभावित हुई। दोनों दिन मिलाकर कुल 18 लाख के करीब नुकसान हुआ है। वहीं शाहगंज डिपो में कुल 30 बसें हैं, जिसमें पांच बसें ही निकल सकीं। जिससे डिपो की दो दिन के हड़ताल में करीब तीन लाख आय प्रभावित हुई है। जौनपुर एआरएम रमेश चंद्र सिंह ने बताया है कि जौनपुर डिपो से 17 बसों को रवाना किया गया है। शेष बसें चालक नहीं रहने नहीं निकल पाई हैं। वहीं, करीब दो दिनों में 18 लाख की आय प्रभावित हुई है। उधर, निजी बस व ट्रक समेत अन्य 800 वाहन खड़े रहे।
स्टेशन पर बसों का इंतजार करते रहे यात्री
ठंड और गलन में जौनपुर डिपो पर पहुंचे यात्रियों को बसों के इंतजार में परेशानी का सामना करना पड़ा। मल्हनी निवासी अंकित कुमार यादव ने बताया कि सुबह सात बजे लखनऊ जाने के लिए जौनपुर डिपो में आ गया गया था, ठंड में एक घंटा से बस का इंतजार कर रहूं। अलीगंज से आए विकास तिवारी ने बताया कि प्रयागराज जाना है आधे घंटे से इंतजार कर रहा हूं, अभी तक कोई बस ही जाने के लिए तैयार नहीं है। रामपुर से जौनपुर दवा लेने आए राकेश सिंह ने बताया कि ठंड में बसों का इंतजार करना भारी पड़ रहा है।
पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म
जौनपुर। शहर के नईगंज समेत कुछ पेट्रोल पंप पर डीजल और पेट्रोल खत्म होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं कई पेट्रोल पंपों पर तेल लेने के लिए लाइन लगी रही। उधर, मंडियों में हड़ताल के चलते सब्जियों के दामों में वृद्धि देखी गई। ट्रक चालक के हड़ताल से बाहर से आने वाली सब्जियों नहीं पहुंच सकीं अगर यही हाल रहा तो लोगों की जेब और ढीली करनी पड़ सकती है। इससे प्याज, मटर, आलू, टमाटर, लेहसुन, अदरक, बैगन के दामों में बढ़ोतरी देखी गई।
प्रतिदिन 50 लाख से एक करोड़ रुपये का नुकसान
सतहरिया। नए कानून के विरोध में दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रहा। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेश कुमार यादव ने बताया कि वाहनों के हड़ताल होने से उद्यमियों को प्रतिदिन 50 लाख से एक करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। मुंगराबादशाहपुर डिपो इंचार्ज पृथ्वी पाल ने बताया कि डिपो में कुल 21 बसें है। जिसके न चलने के कारण साढ़े तीन लाख रुपये का प्रतिदिन नुकसान हो रहा है। दो दिन में विभाग का लगभग सात लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। ट्रक चालक राधेश्याम पाल ने बताया कि नए कानून हम चालकों के लिए काला कानून है।
निजी वाहन चालकों ने किया चक्काजाम
मुंंगराबादशाहपुर। स्थानीय क्षेत्र के नीभापुर गांव के निकट मंगलवार सुबह चालक नए कानून के विरोध में निजी वाहन चालकों ने जंघई रोड पर चक्का जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया व जाम खोलवाया उक्त के कारण उक्त मार्ग पर एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा।
दो दिन में निजी व सरकारी ट्रक व बस को मिलाकर कुल करीब 1500 वाहन खड़े रहे। मंगलवार को जहां आठ करोड़ के नुकसान का अनुमान है तो दो दिनों में कुल करीब 15 करोड़ की आय प्रभावित हुई। सरकारी व निजी वाहनों के नुकसान की बात की जाए तो कुल करीब 15 करोड़ 25 लाख की नुकसान हुआ है।
- मित्रसेन सिंह, महामंत्री, मोटर मालिक संघ।