शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक सड़कें बदहाल हैं। पहले से जर्जर मार्ग बरसात के दिनों में और खतरनाक हो गए हैं। नवरात्र में श्रद्धालुओं ने किसी तरह दुर्गा प्रतिमाओं को पंडालों में स्थापित कर दिया, मगर अब विसर्जन तक अगर सड़कें दुरुस्त न हुईं तो परेशानी और बढ़ेगी। मुख्यमंत्री की ओर से सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए दी गई समयसीमा पांच दिन बची है, लेकिन अब तक महज 15 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 दिनों में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया है। लेकिन, तय समय में सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करना बड़ी चुनौती है। पीडब्ल्यूडी के आंकड़ों के मुताबिक जिले में तीन खंडों में करीब 562 सड़कों, जिनकी लंबाई 975.37 किलोमीटर है, को गड्ढामुक्त किया जाना है। इनमें से करीब 15 फीसदी कार्य ही पूर्ण हो पाया है। शुक्रवार को अमर उजाला की पड़ताल में दुर्गापूजा पंडालों के आसपास की कई सड़कें दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। मुख्यमंत्री के फरमान के बाद पीडब्ल्यूडी के अफसरों का ध्यान उन मार्गों पर अधिक है, जो दुर्गा पूजा, दशहरा और विसर्जन मार्गों के रूप में प्रयोग होंगे। इन्हें 10 अक्तूबर तक गड्ढामुक्त किया जाएगा। पांच दिन समय सीमा शेष है।