जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन माइग्रेशन की सुविधा बंद कर दी है। यह सुविधा छह माह से बंद है। अधिकारियों को पता ही नहीं है। छात्रों को माइग्रेशन व प्रमाणपत्र के लिए विश्वविद्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
परीक्षा समिति और कार्य परिषद के निर्णय का विश्वविद्यालय प्रशासन पालन नहीं करा सका है। विश्वविद्यालय परिसर के अलावा जौनपुर और गाजीपुर जिले में संबद्ध 586 महाविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्रों को डिग्री और माइग्रेशन के लिए विश्वविद्यालय नई व्यवस्था शुरू की गई थी।
छात्रों को विश्वविद्यालय का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए पूर्व कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने छात्रों को ऑनलाइन डिग्री और माइग्रेशन सुविधा देने का खाका तैयार किया था।
इसके लिए परीक्षा समिति एवं कार्य परिषद की बैठक में भी सभी सदस्यों ने सहमति जताई थी। इसके तहत छात्रों को तीन मिनट के भीतर प्रमाणपत्र मिल जाता था। पूर्व कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने पांच जून 2017 को इस सुविधा को मूर्त रूप दिया था।
छात्रों को ऑनलाइन डिग्री व माइग्रेशन सुविधा का राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव के हाथों उद्घाटन कराया था। इससे गैर जनपद के साथ ही देश विदेश में रहकर भी छात्र इस सुविधा का लाभ उठाते थे।
छात्रों को डिग्री और माइग्रेशन के लिए विश्वविद्यालय का चक्कर लगाने से छुटकारा मिल गया था। लेकिन यह सुविधा पिछले छह महीने से बंद है। इसके चलते हर दिन सैकड़ों छात्र विश्वविद्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि ऑनलाइन सुविधा को क्यों बंद है। मामले की जानकारी जुटा रहा हूं, प्रोविजनल और माइग्रेशन की सुविधा ऑनलाइन फिर से शुरू करा दी जाएगी।