जौनपुर। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल के अलावा किसी भी सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। जिला अस्पताल में मशीन तो लगी है, लेकिन रेडियोलाजिस्ट का पद कई साल से खाली पड़ा है। जिला महिला अस्पताल में तैनात रेडियोलाजिस्ट ही जिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड करते हैं। दोनों अस्पतालों में रोज करीब 75 अल्ट्रासाउंड जांच होती हैै। सीएचसी केंद्रों पर जांच की सुविधा नहीं होने की कारण मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सात से आठ सौ रुपये देने पड़ते हैंं।
जिला अस्पताल में हर दिन 40-50 मरीज अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आते हैं। सुबह से मरीजों की भीड़ लगने लगती है। कभी-कभी डाक्टर की व्यस्तता होने पर मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। जिला महिला अस्पताल में रेडियोलाजिस्ट के पद डा. एके पांडेय की तैनाती की गई है। वह महिला अस्पताल के साथ ही जिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड करते हैं। एक साथ दोनों अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाता है। एक अस्पताल के मरीजों को डाक्टर के आने का इंतजार करना पड़ता है।
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निजी केंद्रों पर होती है गर्भवती की नि:शुल्क जांच
जौनपुर। जिले के किसी भी सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं लगी है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व लाभ के तहत गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 10 निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को संबद्ध किया गया है। इन केंद्रों पर उनकी नि:शुल्क जांच कराई जाती है।
महिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट ही जिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड करते हैं। दो अस्पतालों की जिम्मेदारी होने के कारण परेशानी हो रही है। जिला अस्पताल में जांच के लिए मरीजों की भीड़ लगती है। 40 से 50 मरीज प्रति दिन जांच के लिए आते हैं।
-डा. केके राय, सीएमएस जिला अस्पताल जौनपुर