आजमगढ़। डीएम नवनीत सिंह चहल की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आइजीआरएस पोर्टल पर लंबित प्रकरणों (अक्तूबर) की समीक्षा बैठक हुई। बैठक से अनुपस्थित मिलने पर डीएम ने डीपीआरओ का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। बैठक अधिशासी अभियंता विद्युत, सिंचाई एवं जल संसाधन, जिला पंचायत राज अधिकारी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी के डिफॉल्टर प्रकरणों की समीक्षा की। इसमें अधिशासी अभियंता विद्युत के 47 प्रकरण समय सीमा के अंतर्गत निस्तारित न होने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। एमडी विद्युत को पत्र लिखने का एडीएम वित्त एवं राजस्व को निर्देश दिया। वहीं बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी के अनुपस्थित पाए जाने पर एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। तहसीलवार शिकायतों के निस्तारण में डिफाल्टर तहसीलों की समीक्षा की। डीएम की ओर से टॉप टेन विभागवार फीडबैक की स्थिति की समीक्षा की। इसमें सीएमओ के यहां 27 असंतुष्ट फीडबैक होने पर डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के आईजीआरएस पोर्टल के प्रभारी को निर्देश दिया कि 27 आवेदनों के असंतुष्ट फीडबैक को देखकर गुणवत्तायुक्त निस्तारण कराएं एवं रिपोर्ट एडीएम वित्त एवं राजस्व को उपलब्ध कराएं। धारा 24 के अंदर लंबित प्रकरणों की समीक्षा में एसडीएम को निर्देश दिए कि धारा 24 के अंदर वाद किसी भी दशा में 90 दिन से अधिक लंबित न हों। कानूनगो व लेखपाल की टीम बनाकर अवशेष लंबित वादों को प्रमुखता से गुणवत्तायुक्त निस्तारण कराएं और सभी एसडीएम अपने संबंधित तहसीलों में कितने केस पैमाइश के लंबित है, सूची बनाकर एडीएम वित्त एवं राजस्व को उपलब्ध कराएं। धारा-116, धारा-80 एवं धारा-34 के लंबित प्रकरणों में कहा कि धारा-80 के अंदर वाद 45 दिन से ज्यादा लंबित न हो। इस मौके पर एडीएम प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, एडीएम वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह, सीआरओ विनय कुमार गुप्ता आदि उपस्थित रहे।