घर के पास की घटना होने के कारण परिवार के लोग दौड़कर गए और दोनों बच्चों को बाहर निकाले, लेकिन तब तक दोनों को काफी चोट आ चुकी थी। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने हृतिक को मृत घोषित कर दिया। अमित विक्रम के पैर और कमर में चोट आई है। उधर, घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। इकलौते पुत्र की मौत से मां गीता का रो-रोकर हालत खराब थी।
रोज की तरह पिता वीरेंद्र और माता गीता अपने पुत्र हृतिक ऊर्फ शुभ और पुत्री को पढ़ाने के लिए बुलाए लेकिन पुत्र पढ़ने नहीं बैठा बल्कि बगल में खेलने चला गया। अपने चचेरे भाई अमित विक्रम के साथ साइकिल चलाने लगा। घर के पीछे मिट्टी के दीवार के पास जैसे ही वह पहुंचा था कि दीवार गिर पड़ी और साइकिल चला रहे अमित विक्रम और शुभ दब गए। इस घटना में शुभ की मौत हो गई।