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डेढ़ घंटे अस्पताल के गेट पर तड़पती रही महिला, पहुंचते ही डॉक्टर ने किया रेफर

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शाहगंज। संवेदनहीनता की एक तस्वीर शाहगंज सीएचसी से सामने आई है। अस्पताल के गेट पर घंटे भर महिला दर्द से तड़पती रही। उसकी कारुणिक पुकार सुनकर भी कोई चिकित्सक-कर्मचारी आगे नहीं आया। बाद में जब स्थानीय लोग आक्रोशित हुए तो आनन-फानन मौके पर पहुंचे डॉक्टर ने प्राथमिक जांच के बाद महिला की हालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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नगर के नोनहट्टा मोहल्ला निवासी मीरा देवी (35) पत्नी दिलीप कुमार को सीने में दर्द व सांस लेने में तकलीफ थी। परिजन उन्हें सीएचसी लाए। महिला की हालत गंभीर होने पर वह अस्पताल गेट के पास ही बेसुध होकर तड़पने लगी। परिवार के लोग डॉक्टरों से मरीज देखने के लिए मिन्नत करते रहे। आरोप है कि कोई चिकित्सक देखने के लिए नहीं पहुंचा। घंटे भर तक महिला दर्द से छटपटाती रही। बाद में मौके पर जुटी भीड़ जब आक्रोशित होने लगी तो इसकी सूचना मिलते ही चिकित्साधीक्षक डॉ. रफीक फारुकी मौके पर पहुंचे। महिला को इमर्जेंसी वार्ड में दाखिल कराकर उपचार शुरू कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। चिकित्साधीक्षक डॉ. रफीक फारुकी का कहना था कि महिला गेट पर थी, उसे अंदर आना चाहिए था। सूचना मिलते ही मैंने खुद पहुंचकर उसका इलाज शुरू कराया। ऑक्सीजन की कमी के कारण उसे रेफर किया गया। बता दें कि चार दिन पूर्व अज्ञात महिला नोनहट्टा मोहल्ले में तीन घंटे तक तड़पती रही। उसे कोतवाली पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया। एंबुलेंस न मिलने पर प्राइवेट एंबुलेंस से उसे देर शाम जिला अस्पताल भेजा जा सका। करीब एक सप्ताह पूर्व सरपतहां थाना क्षेत्र के रुधौली गांव के मिर्जापुर निवासी सिकंदर को अस्पताल लाया गया था। घंटों तड़पने के बाद भी उसका उपचार नहीं किया जा सका और युवक ने अपनी मां की गोद में तड़पकर दम तोड़ दिया।
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