खुटहन। स्थानीय थाना क्षेत्र के पिलकिछा कोकना गांव में पिटाई से घायल युवक की मौत के मामले में रविवार की शाम को पुलिस ने चार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया तब जाकर परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इस मामले में पुलिस ने पहले गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। इस मामले में दरोगा और एक पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया है।
पिलकिछा गांव के नकबी पुरवा निवासी मनीष गुप्ता (18) बीते मंगलवार की शाम खुटहन बाजार से घर लौट रहा था। रास्ते में कोकना गांव के पास चार युवकों ने लाठी डंडे से उसकी पिटाई कर दी थी। वाराणसी में उपचार के दौरान शनिवार को युवक की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने घटना के दिन एनसीआर दर्ज किया था। पांच दिन बाद अस्पताल में युवक की मौत हुई तो गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन थाने पहुंच गए। लोग हत्या का केस दर्ज करने की जिद पर अड़ गए। कई थानों की फोर्स भी आ गई। लेकिन परिजनों की जिद पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया तब वे शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। पिलकिछा घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
लापरवाही के आरोप में दरोगा और हेड मुहर्रिर निलंबित
खुटहन। पिलकिछा गांव के नकबी पुरवा निवासी मनीष गुप्ता की पिटाई से उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में थाने में तैनात दरोगा नान्हू यादव और हेड मुहर्रिर लल्लन प्रसाद को एसपी ने निलंबित कर दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तीन जून को मनबढ़ों की पिटाई से घायल मनीष की हालत नाजुक होने पर उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया था। फिर भी पुलिस ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया प्राणघातक हमले का मुकदमा दर्ज करने के बजाया सिर्फ एनसीआर दर्ज कर पुलिस चुप बैठ गई थी।