जौनपुर। विधानसभा चुनाव की तिथि घोषित होते ही जिला प्रशासन चुनाव की तैयारी में जुट गया है। ऐसे में कार्यालयों में समय नहीं दे फाइलों की ढेर लगने शुरू हो गए हैं। राजस्व विभाग हो या फिर विकास व पुलिस कार्यालय। हर जगह विभागीय कार्य प्रभावित होने लगे हैं। सभी तहसीलों में तकरीबन 65 हजार 130 राजस्व वाद लंबित हैं। चुनाव आयोग के अधिसूचना जारी करने के बाद जिले में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। जिला प्रशासन भी चुनाव कराने को लेकर तैयारी में जुट गया है। सभी मजिस्ट्रेट अभी से चुनावी कार्यो को लेकर व्यस्त है। जिसके कारण राजस्व वाद लंबित होने लगे हैं। इस दौरान सभी मजिस्ट्रेट के कार्यालयों में कुल मिलाकर 65 हजार 130 राजस्व वाद लंबित है। इससे संबंधित फरियादियों को अब चुनाव तक मामलों नहीं निपटने का डर सताने लगा है। वहीं विकास कार्यो को कराने की गति भी धीमी होने लगी है। अभी से निवार्चन कार्य में 80 सफाई कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है, जिससे गांव में सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है। लगभग यही हाल अन्य विकास कार्यो का भी है। मजिस्ट्रेटवार दिसंबर माह समाप्त होने के बाद कुल 65 हजार 130 राजस्व वाद लंबित हैं, इस दौरान डीएम के यहां 137 वाद, एडीएम वित्त व राजस्व के यहां 4231 वाद, सीआरओ के यहां 5250 वाद,अतिरिक्त एसडीएम प्रथम के यहां 432 वाद व अतिरिक्त एसडीएम द्वितीय के यहां 263 वाद लंबित हैं। इसी प्रकार शाहगंज तहसील में 11355 वाद, बदलापुर तहसील में 5521वाद, मछलीशहर तहसील में 11582 वाद, सदर तहसील में 12027 वाद,केराकत तहसील में 7080 वाद, मडि़याहूं तहसील में 7252 वाद लंबित हैं,लेकिन चुनाव की घोषणा होने के बाद इन वादों के निस्तारण की गति धीमी हो गई है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद अभी विभागीय कार्यो पर कोई असर नहीं पड़ा है। पहले की तरह ही विभागीय कार्यो को निपटाया जा रहा है। सभी विभागाध्यक्षों को पहले की ही भांति विभागीय कार्यो को निपटाने का निर्देश दिया गया है। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतने की हिदायत दी गई है।