जौनपुर। सरकार के निर्देश के बावजूद कई कार्यालयों पर ताला लटका है। कई कार्यालय खुले भी हैं तो अफसर व कर्मचारी नदारद हैं। कारण उनकी ड्यूटी कोरोना नियंत्रण से जुड़े विभिन्न कार्यों में लगी है। इससे विभागीय कार्य भी परवान नहीं चढ़ पा रहे। मनरेगा, आवास व शौचालय निर्माण का छोड़ दिया जाए तो बाकी अन्य विभागीय कार्य ठप सा पड़े हुए हैं।
मंगलवार को जिले के सभी कार्यालयों का भ्रमण कर उसके खुलने और काम काज पर नजर डाला गया। इस दौरान विकास भवन में स्थित पंचस्थानीय चुनाव कार्यालय व सोशल आडिट कार्यालय बंद रहा। वहीं मत्स्य विभाग अभिकरण का कारर्यालय खुला रहा, लेकिन कोई कर्मचारी मौजूद नहीं रहा है। इसके अलावा अन्य कार्यालय खुल रहे हैं, लेकिन कार्यालयों में इक्का दुक्का ही कर्मचारी तैनात रहे। वहीं डीडीओ, पीडी डीआरडीए, डीपीआरओ, डीएसटीओ ही अपने कार्यालय में मौजूद रहे। कारण कर्मचारियों व अधिकारियों की ड्यूटी कोरोना में लगने के कारण अपने-अपने कार्यालयों में बैठ नहीं पा रहे हैं। हालत यह है कि किसी की ड्यूटी रात में लगी है तो किसी की ड्यूटी दिन में लगी है। ऐसे में विभागीय कार्य भी ठप पड़े हुए हैं। आवास, मनरेेगा व शौचालय निर्माण का काम तेजी से हो रहा है। शेष अन्य काम ठप पड़े हुए हैं।
कारोना में ड्यूटी लगने के कारण कार्यालयों में सबकी मौजूदगी कम हो पा रही है। जिससे विभागीय कार्य नहीं हो पा रहे हैं, लेकिन मनरेगा, आवास व शौचालय का काम तेजी से हो रहा है। इससे प्रवासी श्रमिकों को काम मिल सके। - दयाराम, जिला विकास अधिकारी।