01- वाजिदपुर तिराहे स्थित बंद पड़ा सिद्धार्थ हास्पिटल।
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जौनपुर। कोरोना संक्रमण की आशंका के मद्देनजर निजी अस्पतालों को बंद करने के फरमान ने मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकारी दिन भर इन अस्पतालों को बंद कराते रहे। रविवार को सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद होने से अधिकांश मरीज उपचार नहीं करा सके। सिर्फ वही लोग जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचे, जो इमरजेंसी केस वाले थे। ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे मरीजों को काफी दुश्वारी झेलनी पड़ी।
प्रदेश के कई जिलों में निजी अस्पतालों में कोरोना का मरीज मिलने के बाद स्थिति गंभीर हो गई है। संक्रमण रोकने के लिए सरकार ने सभी निजी अस्पतालों को बंद करने का निर्देश दिया है। अब उन्हीं अस्पतालों में इलाज होगा, जिसे स्वास्थ्य विभाग अनुमति देगा। इन अस्पतालों में कोरोना संक्रमण से रोकने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिले में फिलहाल ऐसे पांच अस्पताल चिह्नित किए गए हैं। इनके अलावा अन्य सभी अस्पतालों को बंद करने का निर्देश दिया गया है। रविवार को दिन भर पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम अस्पतालों को बंद कराने में लगी रही। केराकत के एसडीएम चंद्रप्रकाश पाठक व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने नगर व तहसील क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर चल रहे सभी नर्सिंग होम व निजी चिकित्सालय को बंद करा दिया। मीरगंज, जरौना, गोधना,जंघई, बंधवा बाजार में कई निजी चिकित्सक मरीज देख रहे थे। खेतासराय में निजी अस्पताल बंद रहने से जनता को काफी परेशानी हुई। पीएचसी सोंधी के प्रभारी चिकित्साधिकारी रमेश चंद्रा ने पीएचसी में उपचार हो रहा है। फोन पर भी परामर्श दिया जा रहा है।
टेलीमेडिसिन से कर रहे उपचार
मछलीशहर। अस्पताल बंद रखने के आदेश के बाद डॉक्टर टेली मेडिसिन की सुविधा उपलब्ध कर रहे हैं। श्रीराम मेमोरियल अस्पताल, सुशीला हॉस्पिटल टीबी हॉस्पिटल समेत नगर के सभी प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि शासन के आदेश का अनुपालन करते हुए टेली मेडिसिन की सुविधा शुरू की गई है। बीमार व्यक्ति डॉक्टर के मोबाइल नंबर पर कॉल कर बताई गई दवा मेडिकल स्टोर से खरीद सकते हैं। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. आरपी विश्वकर्मा ने बताया कि अस्पताल में टेली मेडिसिन व्यवस्था लागू है। जिले भर के डॉक्टर का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया है, किसी से भी सलाह ली जा सकती है। केवल प्रसूता महिलाओं को 102 नंबर एम्बुलेंस से अस्पताल आने की अनुमति है।