पूर्वांचल विवि जौनपुर में सोमवार से प्रशासनिक काम शुरू होंगे, लेकिन सभी कर्मचारियों की उपस्थिति नहीं रहेगी। पहले दिन सभी अनुभागों के प्रभारी और अधीक्षक को जरूरी कर्मचारियों के साथ कार्यालय पहुंचने को कहा गया है। इनकी ओर से तैयार रोस्टर के आधार पर ही कर्मचारियों को बुलाया जाएगा। कार्यालयी कामकाज में फिजिकल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजर और मास्क के इस्तेमाल अनिवार्य रहेगा।
कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल ने बताया कि पहले दिन सभी सभी अनुभागों के अधिकारी और अक्षीक्षकों को बुलाया गया है। अनुभाग में जरूरी कार्यों को निबटाने के लिए रोस्टर तैयार कर 33 फीसदी कर्मचारियों को ही बुलाया जाएगा। केवल उन्हीं कर्मचारियों को कार्यालय बुलाया जाएगा जिनकी उपस्थिति जरूरी है। कर्मचारियों को पहले ही कह दिया गया है कि सूचना मिलने पर ही वह कार्यालय आएं। जरूरत पड़ने पर अधीक्षक कर्मचारियों की उपस्थिति तय करेंगे। स्टोर विभाग के जरिए सैनिटाइजर और हैंडवॉश के लिए गेट पर ही प्रबंध करा दिया गया है। बिना हैंडवॉश किए और सैनिटाइजर के कोई कर्मचारी कार्यालय में प्रवेश नहीं करेगा।
15 मई से शुरू हो सकती है परीक्षा
जौनपुर। पूविवि के सत्र 2019-20 की मुख्य परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू हुई थी। परीक्षा कार्यक्रम 49 दिन के लिए तैयार हुआ था। 15 दिन की परीक्षा हो चुकी है। 34 दिन की परीक्षाएं अभी बाकी हैं। स्नातकोत्तर की परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू हो गई थी। इसके बाद कोरोना के संक्रमण के चलते परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। अभी स्नातक और स्नातकोत्तर की अधिकांश परीक्षाएं बाकी हैं। शासन से पत्र आने के बाद विवि प्रशासन 15 मई से परीक्षा कराने की तैयारी में जुटा है। शासन से आए पत्र में कहा गया है कि अगर 3 मई के बाद लाकडाउन खत्म हो जाता है तो विवि एक सप्ताह के भीतर परीक्षा कराने की तैयारी कर ले। हालांकि यह सब कुछ तीन मई के बाद लॉकडाउन खत्म होने पर निर्भर करेगा।
मूल्यांकन और 30 जून तक रिजल्ट घोषित करने की चुनौती
जौनपुर। विवि की परीक्षाएं कराने के साथ 30 जून तक रिजल्ट भी घोषित करने का शासन ने निर्देश दिया है। इसे देखते हुए विवि प्रशासन परीक्षा कराने के साथ मूल्यांकन शुरू कराने के लिए परीक्षकों को पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराना विवि के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। कोरोना संक्रमण के चलते मूल्यांकन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कैसे होगा। मूल्यांकन में 1000 से अधिक परीक्षक को लगाया जाता है। इतना ही नहीं बाहर से आने वाले परीक्षकों को हॉस्टल में रखने और उनके खाने और नाश्ता की व्यवस्था की जाती है।