जौनपुर जिले में चयनित 210 मॉडल विद्यालयों के बच्चों का प्रगति चार्ट बनाया जाएगा। चार्ट को हर महीने अपडेट किया जाएगा। और इसे एक साफ्टवेयर पर अपलोड किया जाएगा। गुरुवार को कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में सभी चयनित माडल विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षण दिया गया।
डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने प्रधानाध्यापकों से कहा कि माडल विद्यालयों की सार्थकता तभी होगी जब यहां पढ़ने वाले बच्चों का शैक्षणिक स्तर अन्य विद्यालय के बच्चों की तुलना में बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि जिन 210 विद्यालयों का चयन माडल विद्यालय के लिए किया गया है निश्चित ही वहां शिक्षा का माहौल पहले से ही बेहतर होगा तभी उनका चयन किया गया है। अब उन विद्यालयों में कुछ और खास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों के सहयोग से बाउंड्रीवाल बनवाई जाएगी।
सभी 210 विद्यालयों में मिड-डे-मील बनाने के लिए रसोई गैस कनेक्शन दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि हर महीने बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार होगा तभी विद्यालयों का स्तर उच्च हो सकेगा। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल तक साफ्टवेयर बनाया जायेगा जिसमें बच्चों का ऑनलाइन डाटा फीट किया जायेगा। सभी मॉडल विद्यालयों की मानीटरिंग के लिए लगाए गए अधिकारी बच्चों में सुधार की स्थिति के बारे में जिलाधिकारी को उपलब्ध कराएंगे।
बच्चों की प्रगति रिपोर्ट बीआरसी के माध्यम से हर माह 25 से 30 तारीख के बीच उपलब्ध कराएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि दूसरी कार्यशाला 15 दिन, एक माह, दो माह के बाद आयोजित की जायेगी, जिसमें समीक्षा व सुझाव दोनों तरफ से लिये जाएंगे। जयन्त गुप्ता, सुश्री आकांक्षा, नरेन्द्र वर्मा, आनन्द आदि ने चलचित्र के माध्यम से मॉडल स्कूल के लिए जानकारी विस्तार से दिया।