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अब बाहर की दवा नहीं लिखेंगे जिला अस्पताल के चिकित्सक

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जौनपुर। अब जिला अस्पताल के सभी डाक्टरों से यह हलफनामा लिया जाएगा कि वह समय से आएंगे। मरीजों से सद्भव्यहार करेंगे। इसके साथ ही बाहर की दवाओं को नहीं लिखेंगे। यदि इन नियमों का डाक्टर उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सीधे मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जिला अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए सीएमएस डा. एके शर्मा ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सोमवार या मंगलवार से वह सभी डाक्टरों से हलफनामे पर हस्ताक्षर करवाएंगे।
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जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 800 मरीज आते हैं। यहां अक्सर शिकायतें रहती थीं कि बाहर से दवाइयां लिखी जा रही हैं। मरीजों के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते मरीजों को इलाज में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन सर्दी-खांसी का इलाज कर कोरम पूरा कर रहा है। गंभीर बीमारी वाले मरीजों का इलाज करने के बजाय उन्हें रेफर कर दिया जाता है। इसे संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सीडीओ अनुपम शुक्ला और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल से अस्पताल की मानीटरिंग शुरू करा दी। निरीक्षण के दौरान कई बिंदुओं पर शिकायत की पुष्टि भी हुई। इसके बाद जिलाधिकारी ने उसे सही करने का निर्देश दिया। विभागीय लोगों के मुताबिक, शासन की ओर से 294 तरह की दवाओं की लिस्ट भले ही जारी कर दी गई है। इसमें से कई दवाओं की उपलब्धता नहीं है। जिला अस्पताल में एंटीबायोटिक के नाम पर डाक्सीसाइक्लीन, नारफ्लाक्स, एजीथ्रोमाइसिन, सेप्ट्रान और पैरासीटामाल के अलावा सामान्य बीमारी की दवाएं उपलब्ध हैं। कैंसर और गंभीर बीमारियों की दवाएं मौजूद नहीं हैं।
सीएचसी-पीएचसी में भी दवाओं की कमी
जौनपुर। जनपद के सीएचसी और पीएचसी पर भी दवाओं की कमी बनी हुई है। सीएमओ डा. लक्ष्मी सिंह ने कहा कि 80 प्रतिशत ही दवाएं मरीजों के लिए उपलब्ध हैं। जो दवाएं उपलब्ध हैं, उसे मरीजों को दिया जाता है। अन्य दवाओं के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है।
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