जौनपुर। कोरोना कर्फ्यू के मद्देनजर ड्राइविंग लाइसेंस सेवा अब 17 मई तक बाधित कर दी गई है। इससे करीब 5250 लाइसेंस के आवेदन लंबित होंगे। लाइसेंस सेवा बहाल होने के बाद ही निस्तारित करने का कार्य किया जाएगा। लाइसेंस न बनने से एआरटीओ कार्यालय पर सन्नाटा पसरा हुआ है। लाइसेंस बनवाने के लिए न तो लोगों की भीड़ लग रही है और न ही कर्मचारी भाग दौड़ कर रहे हैं। वह सिर्फ अपने टेबल पर बैठ कर विभागीय काम को निपटा रहे हैं।
उप संभागीय परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए रोजाना सैकड़ों की भीड़ लग रही थी। इससे पूरा परिसर भरा रहता था, लेकिन तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के कारण 23 अप्रैल से लाइसेंस से संबंधित सभी सेवाओं को बंद कर दिया गया, जिससे कार्यालय में सन्नाटा पसर गया है। हालत यह है कि जैसे-जैसे कोरोना कर्फ्यू बढ़ता जा रहा है, उसी हिसाब से लाइसेंस सेवा को भी स्थगित कर दिया जा रहा है। तीसरी बार फिर इस सेवा को 17 मई तक स्थगित कर दिया गया है। इस दौरान कुल पांच हजार 200 लाइसेंस के आवेदन लंबित हैं। इनमें 2700 लर्निंग लाइसेंस, 1700 परमानेंट लाइसेंस और 852 रिन्युवल के आवेदन पत्र लंबित हैं। अब इन लाइसेंस के लिए लंबित पड़े आवेदनों का निस्तारण तभी होगा, जब लाइसेंस संबंधित सेवा बहाल होगी। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी एसपी सिंह का कहना है कि कोराना के कारण फिर तीसरी बार 17 मई तक लाइसेंस संबंधी सेवा स्थगित कर दी गई है। जिससे करीब पांच हजार 250 लाइसेंस के आवेदन लंबित पड़े हुए हैं। जिनको सेवा बहाल होने के बाद बनाया जाएगा।