जिला अस्पताल में रिपोर्ट देखते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
- फोटो : जलकर परिसर स्थित पांच दशक पुरानी उपरिगामी पेयजल टंकी। संवाद
जौनपुर। जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में आईपीएचएल लैब (पैथोलॉजी) की स्थापना कर दी गई है। अब पैथोलॉजी में जांच का दायरा बढ़ जाएगा। पैथोलाजी में 54 जांच की जगह 100 तरह की जांचें की जाएंगी। हेपेटाइटिस बी और सी के साथ स्क्रबटाइफस की जांच और लिपिड प्रोफाइल भी तैयार किया जाएगा। जिला अस्पताल में अब मरीजों को पहले से कहीं बेहतर जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आधुनिक लैब सुविधाओं के तहत कई जटिल रोगों की जांच शुरू कराने की तैयारी है। मशीनें लग जाने के बाद जांचें शुरू हो जाएंगी। अभी तक मरीजों को केवल त्वरित रिपोर्ट मिल रही है। अब उन्हें जांच के लिए महंगे निजी अस्पतालों में नहीं जाना होगा। जिला अस्पताल की लैब प्रतिदिन सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक खुली रहती थीं। अब 24 घंटे जांच की सुविधा उपलब्ध हो सकती है। यहां प्रतिदिन 300 से 350 मरीजों की जांच की जा रही है। ज्यादातर जांचों की रिपोर्ट मरीजों को महज आधे घंटे में दे दी जाती थी। यह सुविधा शुरू होने से बाहर के महंगे जांच केंद्रों पर निर्भरता कम होगी। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के निर्देश पर केंद्रीयकृत व्यवस्था की गई है। इसमें दोनों अस्पतालों के शहरी सीएचसी और पीएचसी की जांंच के अलावा रेफर होकर आए मरीजों की जांच भी की जाएगी। इससे समय की बचत होगी। पैथोलॉजी में काम करने वाले लोग पब्लिक की भीड़ से दूर रहेंगे। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस बी और सी के साथ स्क्रबटाइफस की जांच की जाएगी। लिपिड प्रोफाइल भी जिले में ही तैयार होगा। पहले इन जांचों के लिए सैंपल बीएचयू भेजा जाता था। इसके अलावा कालाजार, लिप्टोस्पाइरा, सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, थायराइड प्रोफाइल, फेरीटिन, आयरन, एबीजी, ट्रोपोनिन की जांच एक सप्ताह में शुरू हो जाएगी। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में अब तक थायराइड, किडनी, लीवर, ब्लड शुगर, डेंगू, मलेरिया, विटामिन 12, विटामिन-डी, प्रोस्टेट समेत कुल 54 प्रकार की जांचें की जा रही हैं। जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. एमके गुप्ता ने बताया कि अब जांच का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। कोशिश है कि मरीजों को समय पर जांच सुविधा मिले और जल्द से जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। जिला महिला अस्पताल में आईपीएचएल लैब स्थापना के बाद अब दोनों अस्पतालों में अलग-अलग सैंपल कलेक्शन सेंटर और रिपोर्ट सेंटर काम करेंगे लेकिन मरीजों की जांच एक ही पैथोलॉजी में होगी। यहीं से रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में प्रतिदिन 300 से ज्यादा मरीजों की जांच अभी हो रही थी। अब पैथोलॉजी को 24 घंटे चलाने की तैयारी है। इमरजेंसी जांच की सुविधा भी मरीजों को मिलेगी।