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Jaunpur News: पान की खेती कर अब छोटे किसान भी हो सकेंगे समृद्ध

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जौनपुर। पान को खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अब अनुदान पर छोटा बरेजा (बास से बने छप्पर) बनाने वाले किसानों को लाभ देंगी। पहले एक से डेढ़ हजार वर्ग मीटर के बरेजा पर ही अनुदान दिया जाता था। अब 250, 500 व 750 वर्ग मीटर में भी बरेजा निर्माण कराकर पान की खेती कराई जाएगी। इससे छोटे किसानों का अधिक लाभ मिलेगा। जिले में 50 बरेजा निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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जिले में छह ब्लॉकों में करीब 250 किसान पान की खेती करते हैं। पान का निर्यात आसपास के जिलों में की जाती है। पान की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अनुदान पर छोटा बरेजा बनवाने की योजना बनाई है। छोटा बरेजा बनाने पर अनुदान की व्यवस्था से अधिक किसान इस खेती से जुड़ सकेंगे। योजना का लाभ लेने पान की खेती करने के इच्छुक किसानों को उद्यान विभाग के पोर्टल पर आवेदन करना होगा। भौतिक सत्यापन के बाद योजना का लाभ दिया जाएगा। 250 वर्ग मीटर में 15, 500 वर्ग मीटर में छह, 750 वर्ग मीटर में 10, एक हजार वर्गमीटर में 19, 1500 वर्ग मीटर में दो बरेजा निर्मित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 1500 वर्ग मीटर का बरेजा बनाने पर लागत का 50 फीसदी 75 हजार 680 रुपये अनुदान देय होगा, शेष किसान का अंश होगा। एक हजार वर्ग मोटर का बरेजा पर लागत कुल एक लाख 906 रुपये संभावित है। इस पर 50 फीसदी यानी 50 हजार 453 रुपये अनुदान देय होगा। 750 वर्ग मीटर पर लागत 75 हजार 678 रुपये व अनुदान 37 हजार 839 रुपये हैं। इस प्रकार 500 वर्ग मीटर पर लागत 50 हजार 452 रुपये व अनुदान 25 हजार 226 रुपये, 250 वर्ग मीटर में बरेजा बनाने पर लागत 25 हजार 626 रुपये व अनुदान 12 हजार 613 रुपये है।
इन ब्लॉकों में होती है पान की खेती :-
बक्शा के बेदौली व भयंदी गांव, सुजानगंज में अरूआ व बराई, मछलीशहर में सरायबीका, महाराजगंज में कोल्हुआ, करंजाकला मेें बरैयाकाजी व भैसनी में पान की खेती अधिक होती है। यहां के किसान अपने उपज जिले समेत आसपास के जिले में भी निर्यात करते हैं।
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पान की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अनुदान पर छोटा बरेजा बनवाने की योजना बनाई है। छोटा बरेजा बनाने पर अनुदान की व्यवस्था से अधिक से अधिक किसान इस खेती से जुड़ सकेंगे। इसके लिए इच्छुक किसानों को उद्यान विभाग के पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
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-सीमा सिंह राणा, जिला उद्यान अधिकारी।
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