फिल्म ठग्स ऑफ हिंदुस्तान में जाति विशेष पर अपमानजनक टिप्पणी कर भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में दाखिल पुनरीक्षण याचिका को जौनपुर के जिला जज मदन पाल सिंह ने स्वीकार कर लिया है। मामले में फिल्म अभिनेता आमिर खान, निर्माता आदित्य चोपड़ा समेत चार के विरुद्ध नोटिस जारी कर उन्हें आठ अप्रैल को अपना पक्ष रखने की मोहलत दी है।
लाइन बाजार के हरईपुर निवासी हंसराज चौधरी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से नवंबर 2018 को मजिस्ट्रेट कोर्ट में ठग्स ऑफ हिंदुस्तान फिल्म के निर्माता आदित्य चोपड़ा, निर्देशक विजय कृष्णा, अभिनेता आमिर खान के खिलाफ परिवाद दायर किया था। आरोप था कि फिल्म के ट्रेलर में मल्लाह जाति को अपमानजनक शब्द से संबोधित किया गया है।
उन्होंने सोशल मीडिया में इसे प्रदीप निषाद, बृजेश निषाद, संजीव नागर, मनोज नागर आदि के साथ देखा। इस टिप्पणी से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। फिल्म की टीआरपी बढ़ाने मुनाफा कमाने के लिए दुर्भावनापूर्ण तरीके से फिल्म का ऐसा नाम रखा गया।
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने यह कहते हुए परिवाद अस्वीकृत कर दिया कि फिल्म की घटनाएं और पात्र काल्पनिक होते हैं, जिसका उल्लेख फिल्म के प्रारंभ में ही होता है। कोई कहानी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि मनोरंजन के लिए बनाई जाती है। इसके बाद जिला जज के समक्ष वादी ने पुनरीक्षण याचिका दायर की।
वादी के अधिवक्ताओं ने कहा कि गवाहों के शपथ पत्र युक्त बयान दर्ज हुए थे। तलबी के स्तर पर प्रथम दृष्टया ही साक्ष्य का निर्धारण किया जाता है। परिवाद अस्वीकृत करने के लिए कोई विशेष वजह एवं संपूर्ण साक्ष्य का अभाव अवश्य होना चाहिए। जिला जज ने बहस सुनने के बाद पुनरीक्षण याचिका को स्वीकृत कर विपक्षी गण को नोटिस जारी किया। मामले में राज्य सरकार को भी पक्षकार बनाया गया है।