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सड़कों की दशा देख्ा वादों पर यकीन नहीं

Sat, 17 Jun 2017 12:52 AM IST
jaunpur
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एराकियाना मोहल्ले में टूटी सड़क। - फोटो : jaunpur
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लोक निर्माण विभाग का दावा है कि जिले में सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने के लिए शुरू किए गए अभियान के तहत 85 फीसदी सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया गया है। हालांकि सड़कों की जो दशा है उसे देख विभाग के दावे पर यकीन नहीं होता। जिले की सबसे प्रमुख तहसील शाहगंज कस्बे से लेकर बदलापुर, केराकत और मछलीशहर इलाके में भी तमाम सड़कें  आज भी दुर्दशा का दंश झेल रही है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब सूबे की सड़कों को 15 जून तक गड्ढामुक्त किए जाने का फरमान जारी किया था तो लोक निर्माण विभाग ने जिले की सड़कों का सर्वे कराया था। सर्वे में पता चला थी कि जिले में कुल 1257 सड़कों पर 3048 किलोमीटर गड्ढे हैं। इन सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने के लिए 6552.47 लाख रुपये बजट की डिमांड शासन से की गई थी। शासन से बजट भी मिल गया और सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का काम भी शुरू कर दिया गया। लेकिन जिले की तमाम प्रमुख सड़केें आज भी उसी हालत में हैं।

यहां तक कि खेतासराय-खुटहन  की जिस सड़क का जिक्र प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद चुनावी रैली में किया था उस सड़क की भी हाल जस की तस है। शाहगंज प्रतिनिधि के अनुसार एराकियाना मोहल्ला स्थित पेट्रोल पम्प से जेसीज चौक तक सड़क का नमोनिशान मिट गया है। जेसीज पर बड़े गड्ढों के कारण भारी वाहनों का टायर फटना और लोगों का घायल होना आम बात हो गयी है। राजकीय पुरुष चिकित्सालय से रेलवे क्त्रससिंग तक की सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। आजमगढ़ सुल्तानपुर बाईपास मार्ग दादरपुल की दयनीय हालत को छुपाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने मिट्टी डालकर छोड़ दिया। यही हालत शाहगंज अम्बेडकरनगर मार्ग की है। जहां शाहगंज से बिलवाई 14 किलोमीटर सड़क वर्षों से अपना अस्तित्व खो चुकी है।
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