जौनपुर। सरकार ने बिना नक्शा पास कराए या स्वीकृत नक्शे से अधिक मकान बनवाने वालों को भले ही समन शुल्क जमा कर नक्शा वैध कराने की छूट दी हो, मगर इसमें किसी ने रुचि नहीं दिखाई है। एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई आवेदन नहीं आया है। यह हाल तब है, जब शहर में बिना नक्शा के कइयों मकान तने हुए हैं तो वहीं कई लोगों एक कमरा का नक्शा बनवाकर पूरा मकान तान लिया है।
शहर की आबादी सवा तीन लाख है। आए दिन मकानों के बनने का सिलसिला जारी है। कई लोग नक्शा पास कराकर मकान बनवा रहे हैं तो कई बिना नक्शा पास कराए ही बनवा रहे हैं। गोमती नदी के किनारे बने सभी मकान अवैध हैं। बिना नक्शा पास कराए ही लोगों ने मकान बनवा लिया है। इतना ही नहीं शहर के नईगंज, कलीचाबाद, हुसेनाबाद, बेगमगंज, चांदपुर, आसमान पट्टी सहित कई स्थानों पर धड़ल्ले से बिना नक्शा पास कराए ही मकान बने हैं और बनाने का काम किया जा रहा है। यहां अधिकांश मकान बिना नक्शा पास कराए ही बने हैं और बनाया जा रहा है। वहीं एक कमरा का नक्शा पास कराकर पूरा मकान भी बनवाया गया है। लगभग यही हाल पूरे शहर में है, लेकिन सब कुछ जानकर इस समय जिम्मेदार चुप बैठे हैं। कारण आवास एवं शहरी नियोजन के तरफ से ऐसे लोगों को फिर से मकान का नक्शा बनवाने व संशोधन कराने की छूट दी गई है, जो बिना नक्शा पास कराए या तो मकान बनवा लिए हैं या फिर एक कमरा का नक्शा पास कराकर पूरा मकान बनवा लिया है। ऐसे लोगों को नक्शा बनवाने की छूट फरवरी 2021 तक दी गई है।