जौनपुर। अब ग्राम पंचायतों के सारे काम आनलाइन होंगे। पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पर आनलाइन ही कार्य का ब्योरा भरा जाएगा। उसकी स्वीकृति होगी और भुगतान भी कराया जाएगा। काम की सारी रकम चेक के बजाय सेवा देने वाले के खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए ग्राम प्रधान व सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर पंजीकृत किया जा रहा है। 587 के प्रधानों व सचिवों का डिजिटल हस्ताक्षर जारी हो चुके हैं।
पहले ग्राम पंचायतों में सारे कार्य मैनुअल के माध्यम से हो रहा था। चाहे वह मजदूरों का पैसा देने रहा हो या फिर सामग्री देने वाले फर्म को पैसा देने का मामला रहा हो। सारे पैसे चेक या नगद दी जा रही थी। जिसका विवरण रजिस्टर में अंकित होता था। इस दौरान फर्म व मजदूर पैसा नहीं मिलने की शिकायत भी की जाती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) सिस्टम लागू किया है। यह सिस्टम 15 अगस्त से लागू हो जाएगा। जिसमें ग्राम पंचायतों में होने वाले सारे खर्चो का विवरण उपलब्ध होगा। चाहे वह फर्म द्वारा लिया गया सामग्री का पैसा हो या फिर काम करने वाले मजदूरों सहित अन्य पैसा हो। इन सभी का भुगतान संबंधितों के खाते में भी उक्त सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। जिससे कार्यो में खर्च होने वाले पैसे में अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। जिसे जिले में परवान चढ़ाने के लिए जिला पंचायत राज कार्यालय द्वारा तैयारी जोर शोर से शुरु कर दी गई है। सबसे पहले प्रधानों व सचिवों का डिजिटल हस्ताक्षर पंजीकृत किया जा रहा है।इस दौरान जिले के 1749 ग्राम पंचायतों मे से अभी तक 587 ग्राम पंचायतों के प्रधानों व सचिवों का डिजिटल हस्ताक्षर पंजीकृत किया जा चुका है। अभी भी 1162 ग्राम पंचायतों के प्रधानों व सचिवों का डिजिटल हस्ताक्षर पंजीकृत किया जाना बाकी है।
सरकार द्वारा 15 अगस्त से पीएफएमएस के माध्यम से ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यो का विवरण व उसमें खर्च होने वाले धनराशि का भुगतान सीधे संबंधितों को करने का फरमान दिया गया है। इसके लिए तैयारी शुरु कर दी गई है। प्राथमिकता के आधार पर प्रधानों और सचिवों को डिजिटल हस्ताक्षण पंजीकृत करने का कार्य किया जा रहा है। 1749 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 587 ग्राम पंचायतों के प्रधानों व सचिवों को उक्त हस्ताक्षर पंजीकृत किया जा चुका है।
अनिल कुमार
जिला पंचायत राज अधिकारी