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Jaunpur News: 8 साल से डॉक्टर नहीं, पैरा मेडिकल स्टाफ के भरोसे महिला अस्पताल

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मछलीशहर। सीएचसी परिसर में महिला और बाल चिकित्सालय में आठ वर्षों से डॉक्टर नहीं है। अस्पताल भवन का उपयोग पैरामेडिकल स्टाफ कर रहा है। क्षेत्रीय लोगों की मांग पर तत्कालीन विधायक जगदीश सोनकर के प्रयास से भवन की स्वीकृति मिली। अन्यत्र जगह नहीं मिलने पर सीएचसी परिसर में ही अस्पताल भवन का निर्माण 2016 में अधीक्षक डॉ.सुरेंद्र सिंह के समय में हुआ। 2017 में विधायक जगदीश सोनकर ने उद्घाटन किया। तब से ही अभी तक अस्पताल में महिला डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी। डॉक्टर के चेंबर में मरीजों की पर्ची कटती है। दवा का वितरण होता है। चेंबर में प्रसव के लिए महिला को लेकर आने वाली आशा और स्टाफ नर्स बैठती हैं। पीछे बने कक्ष में प्रसव होता है। बगल में बने वार्ड में प्रसूता को भर्ती किया जाता है। सीएचसी में तैनात डॉक्टर को आकस्मिक स्थिति में बुलाकर जच्चा-बच्चा का इलाज कराया जाता है।
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चार वर्ष से लटकी है एनआईसीयू की स्थापना

अस्पताल के अधीक्षक डॉ.आरपी विश्वकर्मा के कार्यकाल में चार वर्ष पहले अस्पताल के प्रथम तल पर एनआईसीयू की स्थापना का प्रस्ताव था। विभाग द्वारा एनआईसीयू की स्थापना के लिए सर्वे टीम भी भेजी गई लेकिन मामला फाइलों में ही उलझ गया।

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महिला अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है, लेकिन जरूरत पर सीएचसी में तैनात डॉक्टर इलाज करते हैं। विभाग की ओर से स्वीकृत एनआईसीयू वार्ड की स्थापना के लिए कार्य शुरू हो गया है। टाइल्स लग रहा है। एसी लगने का काम एक माह में पूरा हो जाएगा।
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-डॉ. मेजर तपिश कुमार, अधीक्षक महिला अस्पताल
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