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ऐतना त सिंचाई भर क भी पैसा नाहीं भइल हो साहब...

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02- करंजाकला ब्लॉक परिसर में आयोजित ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत वितरण कार्यक्रम में वृद - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। फसलों की क्षति के बाद दर्द से कराहते किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने का भाजपा सरकार भले ही दावा कर रही हो, लेकिन मुआवजा वितरण व्यवस्था से किसान संतुष्ट नजर नहीं आए। उनका कहना था कि आंधी-बारिश ने उनकी फसल को पूरी तरह चौपट कर दिया है। खेतों में गिरी फसल से अब अनाज निकलना संभव नहीं। 75 से 80 फीसदी तक फसल नष्ट हो गई, लेकिन प्रशासन ने 20-25 फीसदी का नुकसान दिखाकर राहत के नाम पर जो राशि दी है, उसका कोई फायदा नहीं। यह राशि इतनी भी नहीं है, जिससे खेत की सिंचाई में हुए खर्च की पूर्ति की जा सके, नुकसान की भरपाई तो दूर की बात। किसानों का कहना था कि राहत देने के नाम पर सिर्फ कोरम पूरा किया गया है। अफसरों ने फर्जी आंकड़े दिखाकर उन्हें वास्तविक राहत से महरूम कर दिया है। कई किसानों ने सीएम के सामने भी अपनी पीड़ा जाहिर करने की कोशिश की, लेकिन सरकारी अमले ने उनकी घेराबंदी इस तरह कर रखी थी कि उन्हें मौका ही नहीं मिला।
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जगदीश ने कहा कि ढाई बीघा में गेहूं की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। इससे एक दाना भी नहीं निकल पाएगा। करीब दो लाख का नुकसान हुआ है, जबकि महज 2600 रुपये मिले हैं। यह पैसा तो सिंचाई के खर्च के बराबर भी नहीं है। किसान पेड़ालाल चौहान ने बताया कि आंधी-बारिश ने समूचे पांच बीघा खेत की पूरी फसल बर्बाद कर दी। कोई भी चल कर देख सकता है। हमें बताया गया था कि सीएम साहब मदद देंगे, मगर यहां घंटों इंतजार के बाद भी हमें फूटी कौड़ी नहीं मिली।
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