जिले में टीबी के मरीजों की संख्या कम नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अलावा स्वयं सेवी संगठन, शिक्षण संस्थान भी अभियान में सहयोग कर रहे हैं, बावजूद इसके टीबी के मरीजों की संख्या अभी चार हजार से अधिक है। मरीजों को नि:शुल्क दवा देने के साथ ही 500 रूपये हर माह उनके खाते में भेजा रहा है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ राकेश का कहना है कि 2022 में कुल 7473 टीबी के मरीज खोजे गए थे। इस दौरान 4,567 मरीज टीबी से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके थे। 2,602 मरीजों का उपचार चल रहा हैं। जबकि 2023 में अब तक 1527 मरीज खोजे गए। इन मरीजों का उपचार चल रहा है। वर्तमान में जनपद में कुल 4207 टीबी मरीजों का उपचार चल रहा है। डीबीटी के माध्यम से 500 रुपये उनके खाते में अपने आप चला जाता है। स्वयंसेवी संस्थाएं भी इलाज होने तक हर माह मरीजों को पोषण पोटली देकर उन्हें स्वस्थ बनाने में सहयोग करती हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. राकेश कुमार सिंह ने बताया किटीबी के मरीजों को खोजने के साथ उनका इलाज कराने के लिए अभियान चल रहा है। अस्पताल में मरीजों की नि:शुल्क जांच के साथ दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है।