मछलीशहर। नया वर्ष 2026 का सूर्योदय बृहस्पतिवार को ग्रहों के विशेष संयोग में पड़ने से वर्ष पर्यंत शुभ एवं लाभदायी होगा। आंग्ल वर्ष का सूर्योदय धनु लग्न में हो रहा है। इस लग्न के अधिपति देव गुरु बृहस्पति हैं और दिन भी बृहस्पतिवार पड़ रहा है। देवगुरु बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं और शुभ ग्रह माने जाते हैं। वह धन, लक्ष्मी, न्याय, संतान, पुत्र, धर्म व ज्ञान के कारक कहे जाते हैं। इनकी शुभता से धन, समृद्धि, संपत्ति, सम्मान एवं ज्ञान की प्राप्ति होती है। रोहिणी नक्षत्र के साथ शुभ योग का संयोग, मन मस्तिष्क का कारक चंद्रमा अपनी उच्च राशि में सूर्य ,बुध का बुधादित्य राज योग, बुध शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण योग कर्म एवं न्याय के देवता शनि गुरु की मीन राशि में और गुरु मिथुन राशि में विराजमान है। ज्योतिष एवं तंत्र आचार्य डॉ. शैलेश मोदनवाल बताते हैं कि ग्रहों की जो स्थिति बन रही है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि आंग्ल वर्ष 2026 सभी के लिए शुभ एवं लाभदायी होने वाला है। नए साल में शिक्षा एवं रोजगार के नए अवसर सामने आएगे। सामाजिक व आर्थिक प्रयास फलीभूत होंगे व उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके अलावा आध्यात्मिक लाभ भी प्राप्त होगा। कर्मकांड के विद्वान पंडित मुरारी श्याम पांडेय का कहना है कि 2026 का आगमन चतुर्ग्रही योग में हो रहा है। इसके कारण कहीं लाभ तो कहीं हानि की स्थिति निर्मित होगी। इसके लिए संकटनाशक गणेश स्तोत्र का पाठ व गणेश को दूर्वा चढ़ाना फलदायी होगा। अभीष्ट कार्यों की सिद्धि के लिए बृहस्पतिवार के दिन हल्दी, चने की दाल और गुड़ गाय को खिलाना लाभदायी होगा।