जौनपुर स्थित करंजाकला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नाबालिग द्वारा जन्मी नवजात शिशु के बिक्री का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। मंगलवार को एक वायरल वीडियो में किशोरी ने दुष्कर्म का आरोप लगाया कि उसके साथ दिल्ली में दुष्कर्म हुआ था। इसी दौरान वह गर्भवती हो गई थी। यह नया खुलासा मामले को और भी संवेदनशील बना रहा है। जिला प्रशासन ने इसको लेकर बैठक कर किशोरी व नवजात को सुरक्षित रखने की रणनीति बनाई।
किशोरी ने बताया कि वो सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के सिद्दीकपुर के एक कॉलोनी में किशोरी झाड़ू-पोछा का काम करती थी। जिस घर में वह काम कर रही थी उसी परिवार का कोई रिश्तेदार दिल्ली में रहता था। उसी परिवार की महिला का प्रसव दिल्ली में होना था। जहां प्रसूता की सेवा के लिए किशोरी को दिल्ली ले जाया गया था। अपने एक बयान में किशोरी ने बताया है कि जिस घर में वह काम करती थी उस घर की एक महिला और पुरुष सदस्यों के साथ वह आठ महीने पहले दिल्ली गई थी।
जहां रिश्तेदार का प्रसव कराने की बात कही गई थी। वहां दो महीने तक दो पुरुषों द्वारा उसके साथ नाजायज संबंध बनाए गए। वहां कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। दो महीने के बाद वापस आने पर उसने अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी थी लेकिन उसे चुप रहने के लिए कह दिया। इसलिए उसने कहीं शिकायत दर्ज नहीं करवाई। इस घटना के उजागर होने के बाद पुलिस ने नाबालिग और उसकी नवजात बच्ची को जिला मुख्यालय पहुंचाया जहां बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के कार्यालय में किशोरी का बयान दर्ज किया गया।
सीओ सदर परमानंद कुशवाहा ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है लेकिन पुलिस विभाग की तरफ से स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा जाएगा।
मामले को लेकर डीएम ने बुलाई अहम बैठक, लिया निर्णय
जिलाधिकारी डॉ.दिनेश चंद्र ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ समेत अन्य अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। जिसमें उन्होंने इस प्रकरण की त्वरित और निष्पक्ष जांच का निर्देश दिया। वहीं बाल कल्याण समिति ने करंजाकला स्वास्थ्य केंद्र का दौरा कर वहां कार्यरत स्टाफ नर्स प्रतिभा पांडेय का बयान भी दर्ज किया। नर्स पर बच्ची के डिस्चार्ज के लिए रिश्वत की मांग और बच्ची को बेचने में संलिप्तता का आरोप है। प्रशासन ने इस संवेदनशील मामले पर विशेष ध्यान देते हुए दोषियों पर कार्रवाई का आदेश दिया। करंजाकला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अतिरिक्त प्रभारी आनंद सिंह ने बताया कि किशोरी व उसके परिजनों ने नवजात शिशु को अपने पास रखने से इनकार करते हुए लिखित तौर पर बाल कल्याण समिति को दिया है। फिलहाल बाल कल्याण समिति के निर्देश पर नवजात शिशु को अभी जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
36 घंटे बाद दर्ज हुआ रजिस्टर में नाम
करंजाकला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किशोरी के प्रसव और उसके बच्चे का सौदा करने के मामले ने जब तूल पकड़ा तो 36 घंटे बाद अस्पताल के रजिस्टर में किशोरी का नाम दर्ज किया गया। किशोरी को यहां शनिवार को भर्ती कराया गया था लेकिन अस्पताल में उसका रजिस्ट्रेशन कराए बिना ही प्रसव करा दिया गया।
अस्पताल में प्रसूता को तीसरे दिन मिला खाना
जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत प्रसव के लिए सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने वाली महिलाओं को भोजन देने का नियम है लेकिन आरोप है कि उसके तहत किशोरी को तीसरे दिन भोजन दिया गया।
सीएमओ डा.लक्ष्मी सिंह का कहना है कि इस प्रकरण के संबंध में दो सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। जल्द रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।