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प्रैक्टिकल और मूल्यांकन के चक्कर में फंसा नया सत्र

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माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) की तर्ज पर कक्षा संचालन के लिए सत्र में बदलाव भले ही कर दिया है, लेकिन तय समय से कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो सका है। नए सत्र का पहला महीना बीतने को हैं लेकिन अभी तक छात्रों की कक्षाएं शुरू नहीं हुई हैं। बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए गए केंद्रों पर इंटरमीडिएट का प्रैक्टिकल कराया जा रहा है। उधर, यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी चल रहा है। ऐसे में नए सत्र में नए सत्र का संचालन अधर में फंसा हैं। छात्र भी नए सत्र की पढ़ाई शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। मई के पहले सप्ताह के बाद ही कक्षाएं शुरू होने की संभावना जताई है।
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एक अप्रैल से नए सत्र की कक्षाएं शुरू होने थी। आन पेपर तो कक्षाओं का संचालन शुरू हो चुका है, लेकिन हकीकत तो यह है कि अभी तक पढ़ाई शुरू नहीं हुई है। समस्या यह है कि शिक्षक मूल्यांकन करेें या प्रैक्टिकल कराएं या फिर नए सत्र में छात्रों को दाखिला लेकर पढ़ाई शुरू करें। शासन का सख्त निर्देश है कि 10 दिन के भीतर बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हर हाल में पूरा कराएं, ताकि रिजल्ट समय से घोषित किया जा सके। इसी बीच 29 अप्रैल से प्रैक्टिकल की परीक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। कुछ शिक्षक मूल्यांकन करा रहेें हैं तो विज्ञान के शिक्षक प्रैक्टिकल की परीक्षा कराने में जुटे हैं। प्रैक्टिकल की परीक्षाएं 4 मई तक कराने का निर्देश है। यदि 10 दिन में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन खत्म हुआ तो मई के चार मई के आस पास मूल्यांकन भी खत्म हो जाएगा।
हली अप्रैल से नया सत्र शुरू हो चुका है। लेकिन प्रैक्टिकल और मूल्यांकन के चलते अभी तक नए सत्र की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। मई के पहले सप्ताह से नए सत्र की पढ़ाई शुरू करा दी जाएगी। इस बीच मूल्यांकन और प्रैक्टिकल दोनों खत्म हो जाएगा। - राजकुमार पंडित, डीआईओएस जौनपुर
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