अधिवेशन के समारोह सत्र के पश्चात सामूहिक वंदे मातरम् गान करते प्रतिनिधि। -अभाविप
जौनपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी प्रांत का 65वां प्रांत अधिवेशन वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अस्थाई रूप से बसाए गए रानी अब्बक्का नगर में बुधवार को संपन्न हो गया। इसमें चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुए व नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की गई। अधिवेशन के अंतिम दिन नवीन कार्यकारिणी की घोषणा नवनिर्वाचित काशी प्रांत अध्यक्ष डॉ. महेंद्र त्रिपाठी ने घोषित की। वह जौनपुर के ही रहने वाले हैं। इसमें प्रांत उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सुल्तानपुर के संतोष सिंह अंश, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के रामशंकर उरांव, प्रयाग महानगर की आभा त्रिपाठी एवं गाजीपुर के रवि शेखर सिंह को मिली है। प्रांत सह-मंत्री के रूप में कौशांबी के शिवबाबू चौधरी, प्रयाग महानगर की निवेदिता मिश्रा, भदोही के अमन सिंह और वाराणसी महानगर के त्रिकांत सिंह जाटव को दायित्व दिया गया है।अभाविप पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने कहा कि विद्यार्थी परिषद की विशिष्ट एवं उन्नत कार्यपद्धति के कारण ही आज अभाविप ने 77 वर्षों की लंबी गौरवशाली यात्रा तय की है। इसमें कार्यकर्ता अपने विद्यार्थी जीवन तक कार्य करता है। इस ध्येय यात्रा के दौरान अभाविप की विशिष्ट कार्यपद्धति के अनुरूप कार्य करने से कार्यकर्ता का व्यक्तित्व निखरता है। उसमें राष्ट्र प्रथम का भाव विकसित होता है। इसी कारण आज अभाविप विश्व की सबसे बड़ी और सशक्त छात्रशक्ति बनकर उभरी है। अभाविप केवल एक व्यक्ति-समूह नहीं, अपितु एक विचार है। हम जिस प्रकार कार्य करेंगे, समाज हमें उसी रूप में जानेगा। हम सभी को भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी होगी। तीन दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन के अंतिम दिन केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों में रिक्त सीटें एवं देर तक चलती प्रवेश प्रक्रिया चिंतनीय, वंदे मातरम के 150 वर्ष, राष्ट्र चेतना का अमर घोष, स्क्रीन टाइम से ग्रीन टाइम की ओर, एक संतुलित जीवन की पहल, सीमांत से सशक्तीकरण तक, सोनभद्र के उज्ज्वल भविष्य की परिकल्पना विषयक प्रस्ताव पारित किए गए। मीडिया प्रभारी अभिनव मिश्र ने आभार जताया।