एसबीआई एटीएम सिविल लाइन में पैसा निकालने के लिए लगी लंबी लाइन।
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शादी-विवाह और खेतों की जुताई बुवाई के इस सीजन में लोगों की जेब खाली हो गई है। पैसे के लिए लोग तबाह हो गए हैं। जिससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है। महीने का आखिरी शनिवार होने के कारण बैंक आज नहीं खुले। अगले दिन रविवार है। ऐसे में लोगों की बेचैनी और भी बढ़ गई है।
जिन किसानों ने बुवाई के लिए खेत में पलेवा लगाया था उनके खेत भी अब जुताई के लिए तैयार हैं लेकिन पैसे के अभाव में वे खेती नहीं कर पा रहे। शनिवार को लोग एटीएम से पैसे निकालने के लिए शहर में एक छोर से दूसरे छोर तक दौड़ते रहे लेकिन सिविल लाइन स्थित एसबीआई के एटीएम को छोड़ किसी भी एटीएम से पैसा नहीं निकला।
एसबीआई की मुख्य शाखा के बाहर लगे एटीएम में पैसे भरे गए थे। यहां पैसे निकालने के लिए दोपहर करीब 12 बजे लंबी लाइन लगी थी। करीब दो बजे के बाद यहां भी एटीएम मशीन में भरा गया पैसा खत्म हो गया और सैकड़ों लोग घंटों लाइन में खड़े होने के बाद मायूस लौट गए।
सिविल लाइन स्थित एसबीआई के एटीएम से पैसे निकालने के लिए लाइन में खड़े खेताराय के संजय राजभर ने बताया कि खेत की बुवाई करने के लिए पैसे नहीं हैं। पेट्रोल पंप पर हजार- पांच सौ रुपये के नोट चलते थे तो ट्रैक्टर वाले कम से कम पुराने नोट ले लेते थे अब वे भी नहीं ले रहे हैं।
पैसे निकालने के लिए खेतासराय बाजार में स्थित एटीएम पर आया था तो पता चला बंद है। वहीं पर किसी ने बताया कि शहर के एटीएम से पैसे निकल रहे हैं तो 25 किलोमीटर का सफर तय कर यहां आया हूं। फिर भी कोई गारंटी नहीं कि पैसे मिल जाएं।
यहीं पर लाइन में लगे हकारीपुर गांव निवासी लालबहादुर ने बताया कि 28 नवंबर को नतिनी की शादी है। शादी का सारा दारोमदार उन्हीं पर है। पांच दिन लाइन लगाने पर चार हजार रुपये निकाल सका हूं। आज फिर से लाइन में लगा हूं। कुछ समझ में नहीं आ रहा कि इज्जत कैसे बचेगी।
इसी एटीएम पर लाइन में खड़ी नगर के पुरानी बाजार निवासी नासरीन बानों का कहना है कि उनके पति मो. इमरान दुबई रहते हैं। घर में जो हजार पांच सौ रुपये के नोट थे वह बैंक में जमा कर दिए।