जौनपुर। लखनऊ में भीषण अग्निकांड की आंच फायर सेफ्टी के कई सुलगते सवाल छोड़ गई है। कोचिंग हब की फेहरिस्त में शामिल जनपद के कोचिंग सेंटर भी सुरक्षित नहीं हैं।
कई संस्थानों में आने-जाने के लिए एक ही रास्ता है। सीढ़ियां इतनी संकरी हैं कि एक साथ निकलना मुश्किल है। बिना फायर एनओसी के बनी इमारतों में इमरजेंसी एग्जिट तो छोड़िए एंट्री-एग्जिट गेट तक अलग-अलग नहीं हैं। मंगलवार को इसका खुलासा डीएम सैमुअल पॉल एन और एडीएम परमानंद झा के निरीक्षण में हुआ।
सबसे ज्यादा खराब स्थिति दृष्टि आईएएस इंस्टीट्यूट एवं सक्सेस पाठशाला में देखने को मिली। यहां तीसरे मंजिला पर कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। शाम को दृष्टि आईएएस इंस्टीट्यूट को सील कर दिया गया।
डीएम सैमुअल पॉल एन और एडीएम परमानंद झा ने भारत लाइब्रेरी, दृष्टि आईएएस इंस्टीट्यूट एवं सक्सेस पाठशाला का निरीक्षण किया, जो तीसरी मंजिला पर संचालित हो रहा है। बेसमेंट से ट्रेलर्स की दुकान, ऊसके ऊपर कपड़ा का शोरूम, गोदाम है।
यही नहीं, कोचिंग के अंदर जाने वाली सीढि़यां संकरी हैं। बगल में खुले तार हैं, जबकि फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं मिली। विद्यार्थियों के आने-जाने का एक ही रास्ता रहा। इसी तरह भारत लाइब्रेरी, डीडीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, जेके कोचिंग सहित 8 कोचिंग सेंटरों का एडीएम ने निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा, एंट्री एवं एग्जिट व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा तथा अग्नि सुरक्षा का गहन परीक्षण किया।
सुरक्षा मानकों के अनुपालन की स्थिति का जायजा लिया। सभी स्थानों पर इलेक्ट्रिकल वायरिंग, इलेक्ट्रिकल कंट्रोल प्वाइंट, फायर अलार्म सहित अन्य व्यवस्थाओं में कमियां हैं। संस्थान से जवाब तलब किया गया है। वहीं, मुंगराबादशाहपुर में एसडीएम अजय उपाध्याय, सीओ प्रतिमा वर्मा के नेतृत्व में कोचिंग सेंटरों की जांच की।
दृष्टि आईएएस इंस्टीट्यूट को सील करते पुलिस कर्मी। वीडियो ग्रैब- फोटो : 1