चंदवक बाजार में वाराणसी रोड पर शुक्रवार सुबह ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार गर्भवती महिला और उसके पांच साल के बेटे की मौत हो गई, जबकि पति बाल-बाल बच गया।
चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। हादसे से गुस्साए लोगों ने वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि आरटीओ का अधिकारी ट्रक का पीछा कर रहा था।
इसी के चलते वह बेकाबू हो गया। तकरीबन पांच घंटे जाम के बाद एडीएम वित्त पहुंचे और 30 हजार रुपये सहायता राशि देने के साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। तब लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
चंदवक बाजार के समीप अहिरौली गांव निवासी अश्वनी कुमार दुबे अपनी गर्भवती पत्नी अनीता (24) के साथ पांच वर्षीय बेटे ध्रुव कुमार का एडमीशन कराने बाइक से स्कूल जा रहे थे। सुबह आठ बजे वह बाजार में पहुंचे थे कि
वाराणसी की ओर से गिट्टी लादकर जा रहे ट्रक की चपेट में आ गए। इससे अनीता और ध्रुव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अश्वनी बाल-बाल बच गए। घटना के बाद चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। गुस्साए लोगों ने वाराणसी-
आजमगढ़ मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। बाजार के दूकानदार शटर गिराकर जाम में शामिल हो गए। बाजार वालों ने आरोप लगाया कि आरटीओ का अधिकारी ट्रक का पीछा कर रहा था।
भागने के चक्कर में ट्रक अनियंत्रित हो गया था। सूचना पाकर चंदवक थानाध्यक्ष शशिभूषण राय मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने।
थोड़ी देर के बाद एसडीएम केराकत सुशील लाल श्रीवास्तव और सीओ एके सिंह भी पहुंचे। सर्किल के कई थानों की पुलिस बुला ली गई। प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन और एआरटीओ विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
लोगों ने मौके पर डीएम और एसपी को बुलाने की मांग की। तकरीबन पांच घंटे के जाम के बाद एडीएम वित्त रामभजन राम पहुंचे और 30 हजार रुपये तत्काल सहायता राशि देने के साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर लगभग एक बजे प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम समाप्त किया।