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कतार तोड़कर बिना जांच कराए घर चले गए अधिकांश यात्री

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जौनपुर जंक्शन पर मुंबई से आये यात्रियों का एंटीजेन टेस्ट करते स्वास्थ्यकर्मी। संवाद - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच सरकार लगातार सतर्कता बरतने की हिदायतें दे रही है। स्कूल-कॉलेज में बंद करने का फरमान जारी हो गया है। जांच की रफ्तार बढ़ा दी गई है। बिना मास्क लगाए घरों से बाहर निकलने पर भी पाबंदी है। बावजूद लोग हैं कि मानने को तैयार नहीं। मंगलवार को रेलवे स्टेशन पर मुंबई, गुजरात से आने वाले यात्रियों में ऐसी ही लापरवाही दिखी। ट्रेन से उतरने के बाद जांच कराने की बजाय ज्यादातर लोग चुपचाप खिसक लिए। स्वास्थ्य व सुरक्षाकर्मी उन्हें रोकने का जतन करते रहे, मगर हर कवायद बेकार रही। लापरवाही का यही आलम रहा तो कोरोना फिर से गांव-गांव पहुंच जाएगा और लोग देखते रह जाएंगे।
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महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार ने निर्देश दिया है कि वहां से आने वाले हर यात्री की जांच स्टेशन पर ही अवश्य की जाए। कहने के लिए तो जांच की व्यवस्था भी हुई है, लेकिन लोगों का सहयोग न मिलने से सारी कवायद बेमतलब साबित हो रही है। मंगलवार की दोपहर गोदान एक्सप्रेस जौनपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो यात्रियों को बोगी से बाहर आते की कतारबद्ध करा दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम एंटीजन किट लेकर जांच को मुस्तैद थी। कोई भी व्यक्ति बाहर न जाए, इसके लिए प्लेटफार्म के मुख्य द्वार पर सुरक्षाकर्मी भी लगाए गए थे। कतार में कुछ देर लोग खड़े रहे, लेकिन जांच की धीमी रफ्तार से लोग लाइन तोड़कर वैकल्पिक रास्तों से बाहर निकल गए। ट्रेन से उतरे 20 फीसदी यात्री की ही जांच हो पाई, अन्य सभी बिना जांच के ही घर पहुंच गए। स्टेशन अधीक्षक यूएस सिंह का कहना है कि जांच का जिम्मा स्वास्थ्य विभाग का है। उन्हें पूरा सहयोग दिया जा रहा है। लोगों को भी सहयोग करने की जरुरत है। वैसे आगे सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
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