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Jaunpur News: बैंक का 2.30 अरब हड़प कर बैठे हैं 27 हजार से अधिक लोग

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जौनपुर। जिले के 27 हजार 164 लोग ऐसे हैं, जो विभिन्न बैंकों से 2.30 अरब रुपये ऋण के नाम पर हड़प कर बैठे हैं। यह सभी एनपीए के बकायेदार हैं। इसमें सर्वाधिक किसान क्रेडिट कार्डधारकों का केसीसी ऋण है। बैंक की ओर से ऐसे बकायेदारों के खिलाफ वसूली का अभियान चलाया जाएगा। इनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी। बकायेदारों में 19 हजार 536 किसान हैं।
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जिले में कुल बैंकों की संख्या 30 है। इसमें राष्ट्रीयकृत, निजी, ग्रामीण, स्माल फाइनेंस बैंक को मिलाकर कुल 373 शाखाएं हैं। शासन की मंशा है कि लोग ज्यादा से ज्यादा संख्या में बैंकों से ऋण लेकर रोजगार करें और आत्मनिर्भर बनें। वहीं बकायेदार ऐसे हैं जो ऋण लेने के बाद लौटाने का नाम नहीं ले रहे हैं। बैंकों द्वारा बार-बार नोटिस के बाद भी कोई सुध नहीं ले रहा है। बैंक से मिले आंकड़ों के अनुसार कुल बकायेदारों में 19 हजार 536 किसान हैं। इन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड पर ऋण कराया हुआ है। इनके ऊपर कुल एक अरब 70 करोड़ 69 लाख रुपये बकाया है। यह सभी बकायेदार दो साल से अधिक वाले हैं।
पीएम स्वनिधि का ऋण लेने वाले भी बकायेदारों में शामिल
डूडा के तहत स्ट्रीट वेंडरों को ऋण दिया जाता है। उसके तहत 10 हजार का ऋण लेने वाले 780 बकायेदारों पर 14.31 लाख रुपये, 20 हजार का ऋण लेने वाले 148 बकायेदारों पर 18.25 लाख रुपये, 50 हजार रुपये का ऋण लेने वाले दो बकायेदारों पर 90 हजार रुपये बकाया है। इनके द्वारा छह माह से ऋण नहीं जमा किया गया है। बैंक ने इन्हें नोटिस जारी की जाती है।
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बैंकों ने कर दिया एनपीए घोषित
यह ऐसे बकाएदार हैं जो किस्त चुकाने में खुद को सक्षम नहीं बता रहे हैं। ऐसे में बैंकों ने इन्हें एनपीए (नान परफार्मिंग एसेट) घोषित कर दिया है। बैंकों द्वारा एनपीए तब घोषित किया जाता है जब ऐसे बकायेदारों को लोक अदालत व ओटीएस का भी लाभ लेने को कहा गया, फिर भी ऋण नहीं चुकाया गया।
बड़े बकायेदारों के खिलाफ वसूली का नोटिस जारी किया गया है। उनके पास ऋण चुकाने का यह अंतिम मौका है। इसके बाद कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। - ईश्वर गौतम, मुख्य प्रबंधक, ऋण वसूली यूबीआई।
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