शाहगंज। नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी के बीच पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद फिलहाल समाप्त हो गया है। जिला मुख्यालय पर मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) अजय अम्बष्ट की मौजूदगी में हुई करीब तीन घंटे की बैठक के बाद दोनों पक्षों ने जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए आपसी समन्वय के साथ काम करने पर सहमति जताई।
बैठक में सीआरओ ने अधिशासी अधिकारी अंजनी मिश्रा को निर्देश दिया कि अगले 15 दिनों के भीतर नगर पालिका के कामकाज में सुधार स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने नामांतरण, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, सफाई व्यवस्था और नागरिकों से जुड़े अन्य लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि अगली बोर्ड बैठक में वह स्वयं मौजूद रहकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
नगर पालिका में करीब एक माह से अध्यक्ष रचना सिंह और अधिशासी अधिकारी के बीच कार्यप्रणाली को लेकर मतभेद चल रहा था। अध्यक्ष और सभासदों का आरोप था कि नामांतरण, प्रमाणपत्र जारी करने और अन्य जरूरी कार्यों में अनावश्यक देरी हो रही है, जिससे लोगों को बार-बार पालिका कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर भी लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं।
विवाद उस समय और गहरा गया था, जब दो दिन पहले अधिशासी अधिकारी के कथित बयान से नाराज होकर अध्यक्ष ने पद छोड़ने तक का संकेत दे दिया था। इसके बाद मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा और सीआरओ ने दोनों पक्षों को वार्ता के लिए बुलाया।
बैठक में सीआरओ ने स्पष्ट कहा कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि दोनों की जिम्मेदारी जनता की समस्याओं का समाधान करना है। आपसी समन्वय की कमी का असर किसी भी स्थिति में आम नागरिकों पर नहीं पड़ना चाहिए।
बैठक के बाद अध्यक्ष प्रतिनिधि वीरेंद्र सिंह बंटी ने कहा कि नगर पालिका में जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन के निर्देशों के बाद नगरवासियों को अब बेहतर और समय पर सुविधाएं मिल सकेंगी।
वहीं, अधिशासी अधिकारी अंजनी मिश्रा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अध्यक्ष और अधिकारियों के समन्वय से नगर पालिका क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।