जौनपुर। मानसून के आगमन में अब गिने-चुने दिन बचे हैं, लेकिन नगर पालिका क्षेत्र में नालों की सफाई का कार्य अब तक अधूरा है। शहर के अधिकांश नाले इस समय भी कूड़े और गंदगी से पटे हैं। हालांकि, नगर पालिका प्रशासन कागजी आंकड़ों में अपनी पीठ थपथपाते हुए दावा कर रहा है कि कुल 50 नालों में से 30 की सफाई कराई जा चुकी है। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों को मुंह चिढ़ा रही है।
शहरी क्षेत्र के इन 50 नालों के तहत कुल 21 हजार 500 मीटर की सफाई की जानी है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में 22 जून तक मानसून के सक्रिय होने की पूरी संभावना है। तय योजना के तहत मतापुर, महावीर मंदिर नखास, सद्भावना मोड़, गांधी पार्क से खरका तिराहा, भारतीय स्टेट बैंक से अंबेडकर पार्क, ईदगाह गेट से एलआईसी कार्यालय, लाल दरवाजा मस्जिद से सदर इमामबाड़ा तक और सुनीता हॉस्पिटल से नईगंज तिराहा तक के नालों की मुकम्मल सफाई होनी है। विडंबना यह है कि समय तेजी से निकल रहा है और कई मुख्य नालों की सफाई अब तक शुरू भी नहीं हो सकी है। अगर समय रहते नगर पालिका नींद से नहीं जागी, तो पहली बारिश में ही पूरा शहर और जनता को भारी जलभराव से जूझना पड़ेगा।
12 बड़े, 15 मझले व 23 छोटे नालों की होनी है सफाई
नगर पालिका प्रशासन के मुताबिक, शहर में कुल 50 नाले हैं। इनमें 12 बड़े नाले (लंबाई 9,750 मीटर), 15 मझले नाले (लंबाई 7,150 मीटर) और 23 छोटे नाले (लंबाई 4,600 मीटर) शामिल हैं। मानसून से पहले पालिका को कुल 21 हजार 500 मीटर लंबे नालों की गाद निकालनी है। बड़ी चुनौती यह भी है कि इनमें से काफी संख्या में नाले सीवर लाइन से कनेक्ट हो चुके हैं। सफाई निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि नालों की सफाई के लिए एक पोकलेन मशीन व आठ से 10 सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं। इसकी निगरानी की जा रही है। जल्द ही सभी नालों की सफाई करा दी जाएगी।
नाला सफाई का कार्य जारी है। इसमें अब तक करीब 65 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 50 नालों में से 30 नालों की सफाई कराई जा चुकी है। सफाई कर्मचारियों की संख्या और बढ़ाकर मानसून आने से पहले कार्य पूरा करा लिया जाएगा। - मनोरमा मौर्या, अध्यक्ष नगर पालिका जौनपुर
मछलीशहर से नाले की सफाई करते नगर पंचायत सफाई कर्मीश्। स्रोत-संवाद- फोटो : तनवीर उर्फ मुन्ना मौत प्रकरण में पुलिस हिरासत में आरोपी वंदना। स्रोतः पुलिस