मछलीशहर। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ ने सुजानगंज थानाध्यक्ष को छेड़खानी के एक मामले में अभियुक्त का चालान शांतिभंग में करने की चालान रिपोर्ट भेजने पर कड़ी फटकार लगाई। साथ ही मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। वापस भेजी गई रिपोर्ट में पुलिस ने बुधवार को छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ के न्यायालय में मंगलवार को सुजानगंज थाने की पुलिस ने दो अभियुक्तों को शांतिभंग के आरोप में पेश किया था। सामान्यत: शांतिभंग के आरोपों में तत्काल जमानत मिल जाती है, लेकिन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जब वादी के प्रार्थनापत्र पर गौर किया तो उसमें उसकी पुत्री के साथ छेड़खानी का आरोप लगाया गया था। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट भड़क गए और उन्होंने थानाध्यक्ष सुजानगंज को फटकार लगाते हुए कहा कि छेड़खानी के मामले में शांतिभंग में चालान कैसे कर दिया। उन्होंने थानाध्यक्ष को पत्र जारी कर कहा कि वह चालान रिपोर्ट से असहमत हैं और इसे वापस कर रहे हैं। उन्होंने थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि अभियुक्तों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करें। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आदेश पर थानाध्यक्ष ने संदीप सरोज निवासी ग्राम करियांव थाना मीरगंज और दीपक कुमार निवासी ग्राम धारिकपुर थाना सुजानगंज के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया।