खेतासराय सोंधी शाहगंज ब्लाक में मांगों को लेकर ज्ञापन देते मनरेगा कर्मी। स्रोत-संवाद
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धर्मापुर। धर्मापुर ब्लॉक क्षेत्र में मनरेगा के तहत किए गए कार्यों का भुगतान पिछले एक वर्ष से फंसा हुआ है। इसके कारण विकास कार्य ठप होने के कगार पर पहुंच गए हैं। इसे लेकर प्रधान संघ में रोष है। प्रधानों का कहना है कि दिसंबर 2025 से मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं मिला है। इससे उनके सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रधान संघ ने कहा कि जब तक बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं हो जाता, तब तक नए नियमों के तहत कोई भी कार्य नहीं कराया जाएगा। मजदूरी के साथ-साथ पक्के कामों की सामग्री का पैसा भी एक साल से बकाया है। पंचायत भवन, इंटरलॉकिंग (खंड़ंजा), सीसी रोड, नाली निर्माण सहित पशु शेड, बकरी शेड और गोशाला जैसे कार्यों के लिए आपूर्ति किए गए बिल्डिंग मैटीरियल का भुगतान न होने से संबंधित वेंडर और प्रधान परेशान हैं। रोजगार सेवकों का भी पिछले सात माह से मानदेय नहीं मिला है। इसके विरोध में उन्होंने कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। प्रधान संघ के अध्यक्ष नरेंद्र यादव, ग्राम प्रधान विनोद यादव, जय हिंद यादव, बुलेट सिंह, अंगनू प्रसाद, दशरथ बिंद, कैलाश नाथ आदि प्रधानों ने रोष व्यक्त किया है। बीडीओ धर्मापुर कृष्ण मोहन यादव ने बताया कि इस माह के अंत तक मजदूरी का पैसा आने की संभावना है, हालांकि पक्के कार्यों के भुगतान को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। प्रधानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।