जौनपुर। कोरोना काल में लंबे अंतराल के बाद शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हंगामेदार रही। मुंगराबादशाहपुर विधायक ने पीडब्लूडी के अफसरों पर कमीशनखोरी और शौचालय निर्माण में धांधली का आरोप लगाया। अफसरों के रवैए से नाराज होकर जफराबाद विधायक और एमएलसी ने बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए। सांसद मछलीशहर ने भी समय से बैठक की सूचना न देने पर नाराजगी जताई।
सदर सांसद श्याम सिंह यादव की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक पिछली कार्यवाही की पुष्टि के बाद आगे बढ़ी तो मुंगराबादशाहपुर विधायक सुषमा पटेल ने सड़कों की बदहाली पर पीडब्लूडी के अफसरों से जवाब मांगा। कहा कि विधायक निधि से एक वर्ष पहले सड़क निर्माण का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। उन्होंने प्रयागराज-गोरखपुर हाईवे पर बुढ़िया का इनारा से सुजानगंज जाने वाली सड़क की बदहाली पर सवाल उठा और कहा कि मरम्मत के लिए 1.94 करोड़ रुपये जारी हुए। टेंडर भी हो चुका है लेकिन सड़क नहीं बनाई जा रही है। पता चला है कि कमीशनखोरी के चक्कर में काम अटका है। उनके सवाल पर पीडब्लूडी के ओर से समुचित जवाब न मिलने पर जफराबाद विधायक डॉ. हरेंद्र प्रताप सिंह भड़क गए। उन्होेंने कहा कि कोई जनप्रतिनिधि सवाल उठा रहा है तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए। अफसरों के रवैए से नाराजगी जताते हुए वह सदन से बाहर निकल गए। एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू ने भी बैठक का बहिष्कार कर दिया। एमएलसी ने कहा कि अफसरों का रवैया बेहद निराशाजनक है। उनके जाने के बाद सांसद ने शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए डीएम से जांच कराने को कहा। सांसद श्याम सिंह यादव ने कहा कि जिले की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए। नई सड़क का प्रस्ताव शासन को भेजेंगे। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने समिति को आश्वस्त किया कि जिले में प्रत्येक क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। अगर कहीं से कोई शिकायत प्राप्त हो तो उससे अवगत कराएं, जिससे उसका निवारण किया जा सके।
चार अफसरों का वेतन काटने का निर्देश
बैठक की अध्यक्षता कर रहे सदर सांसद श्याम सिंह यादव ने अधिशासी अभियंता सिंचाई, नलकूप, डाल नहर और पीओ का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। चारों अधिकारी बिना किसी कारण के बैठक में उपस्थित नहीं थे।
पोषाहार की हो रही कालाबाजारी, यह लो सबूत...
जौनपुर। बैठक में मड़ियाहूं के ब्लाक प्रमुख लाल प्रताप यादव ने बाल विकास विभाग से बंटने वाले पोषाहार की कालाबाजारी का आरोप लगाया। वह कंधे पर एक बोरी सरकारी पोषाहार लेकर भी पहुंचे और पीठ पर पोषाहार वितरण में भ्रष्टाचार का स्लोगन लिखी तख्ती भी चिपकाई थी। उन्होंने सबूत के तौर पर अपने साथ लाया एक बोरी पोषाहार डीएम को सौंपा भी। कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषाहार की कालाबाजारी हो रही है। यह बोरी उसी का प्रमाण है। बताया कि ब्लाक से लेकर जिले तक के अफसर इसमें संलिप्त है। गत 29 जुलाई को कालाबाजारी से जुड़ी सूचना डीपीओ को भेजी गई तो इसके कुछ देर बाद संबंधित कार्यकत्री और दुकानदार शिकायतकर्ता के घर मारपीट करने पहुंच गए।
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बैठक में यह भी रहे मौजूद
दिशा की बैठक में सांसद मछलीशहर बीपी सरोज, अध्यक्ष जिला पंचायत राज बहादुर यादव, नगर पालिका अध्यक्ष जौनपुर माया टंडन, मुंगराबादशाहपुर शिवगोविंद साहू, विभिन्न ब्लाक प्रमुख, एसपी अशोक कुमार, सीडीओ अनुपम शुक्ला, पीडी अरविंद सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी आरडी यादव आदि मौजूद रहे। संचालन आत्मा परियोजना के प्रभारी रमेश चंद्र यादव ने किया। डीएम ने आभार जताया।