सचमुच! बेटी को चार्टर्ड एकाउंटेंट बनाने का सपना देख रहे जितेंद्र सिंह को पहली बार अपने अरमान पूरे न होने पर खुशी हो रही है। हो भी क्याें न। शायद सीए बनकर बिटिया जो नाम और शोहरत न कमा पाती वह आने वाले चंद
दिनों में उसके कदम चूमते दिख सकते हैं। जौनपुर की बेटी ने मिस इंडिया कांटेस्ट के फाइनल राउंड में जगह बनाकर जिले की माटी की खुशबू पूरे देश में बिखेर दी है।
बात हो रही है बक्शा थानाक्षेत्र के छोटे से गांव चितौड़ी की बेटी दीक्षा सिंह की। दीक्षा मुंबई मेें चल रहे फेमिना मिस इंडिया कांटेस्ट की कई बाधाओं को पार करते हुए फाइनल राउंड में पहुंच गईं हैं।
28 मार्च को प्रतियोगिता का आखिरी मुकाबला होना है। इसमें सफल हुईं तो उनके सिर पर मिस इंडिया का ताज जौनपुर की प्रतिभा की चमक बिखेरती नजर आएगी। दीक्षा के पिता जितेंद्र सिंह का गोवा के वास्कोडिगामा में ट्रांसपोर्ट
का कारोबार है। अपनी प्राथमिक शिक्षा गांव के परिषदीय स्कूल में करने के बाद दीक्षा गोवा चली गईं और इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई वहीं की। इस समय वह बीए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। तीन बहन और एक भाई के बीच दीक्षा की रुचि शुरू
से ही बाइक चलाने और पेंटिंग आदि भी रही। इसका फायदा उन्हें मिस इंडिया कांटेस्ट में मिला। बिना किसी बैक ग्राउंड के दीक्षा पहले आडिशन फिर एक के बाद एक स्टेट राउंड, रीजनल राउंड और फिर सेमीफाइनल में सफल होती
गईं। अब वह बांद्रा के कुर्ला कांम्पलेक्स स्थित होटल सोफीटेल में फाइनल मुकाबले से पूर्व 25 मार्च को होने वाले कास्ट्यूम राउंड की तैयारियों में जुटी हैं। बेटी की कामयाबी से गदगद जितेंद्र सिंह कहते हैं कि मैंने कभी अपनी बेटी को
उसकी रुचियों को लेकर हतोत्साहित नहीं किया, लेकिन मैंने कभी उसके इस प्रोफेशन की कल्पना भी नहीं की थी। बिना किसी सपोर्ट के यहां तक पहुंचने पर बेहद खुशी हो रही है। दीक्षा की बड़ी बहन दीपा नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन डिजाइनिंग चेन्नई में पढ़ाई कर रही हैं।