नगर के कजियाना मुहल्ले में स्थित मियां के फाटक के नाम से मशहूर तीन सौ साल पुराना फाटक शनिवार की रात ट्रैक्टर की टक्कर से जमींदोज हो गया।
मलबे की चपेट में आने से चालक चोटिल हो गया। ट्रैक्टर मालिक ने फाटक को उसी रूप में मरम्मत कराने का आश्वासन स्थानीय लोगों को दिया है। यह फाटक यहां की जमींदारों की आखिरी निशानी थी।
आजादी से पूर्व मडिय़ाहूं के तत्कालीन जमींदार की हवेली के बाहर मुख्य द्वार आम रास्ता बन गया है। लखौरिया ईंट से बना फाटक अभी कल तक उसी रूप में मौजूद था। दूर दराज के लोग भी इसी नाम से इस फाटक को जानते थे।
शनिवार की रात मिट्टी लादकर जा रहा ट्रैक्टर गेट से टकरा गया इससे गेट धराशायी हो गया। स्थानीय लोगों ने चालक को बाहर निकाला।
सूचना पर ट्रैक्टर मालिक मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों को नगर की पहचान और यहां की ऐतिहासिक धरोहर में शामिल इस गेट की मरम्मत उसी रूप में कराने का भरोसा दिया।