पूरे प्रकरण की जांच के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिन्होंने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित कर दिया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि जांच के दौरान पकड़ी गई दवाइयों पर जिला अस्पताल की मुहर लगी थी। इसके साथ ही जांच में जिला चिकित्सालय के फार्मासिस्ट संजय कुमार सिंह, वीरेंद्र मौर्य और अखिलेश कुमार उपाध्याय की संलिप्तता पाई गई है।
मुकदमे की सीडीआर और औषधि निरीक्षक द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना की जा रही है। साथ ही यह भी पाया गया कि जिला अस्पताल में तैनात तीनों फार्मासिस्ट जिला अस्पताल में अभी भी कार्यरत हैं और इनकी आरोपियों से बातचीत हो रही है।
इससे विवेचना प्रभावित हो सकती है। उन्होंने तीनों फार्मासिस्टों को निलंबित करने की संस्तुति की है। साथ ही जिला अस्पताल के सीएमएस डा. अनिल कुमार शर्मा पर सवाल खड़ा किया है कि उन्होंने अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में बड़ी लापरवाही बरती है।