मेडिकल वेस्ट संग्रह का काम जिले में शुरू हो गया है। इसके लिए इलाहाबाद के हड़िया में पांच मिट्रिक टन क्षमता वाले दो चेंबर वाले इन्सीलेटर को बनाया जाएगा।
इसके पहले चेंबर का तापमान 850 डिग्री सेल्सियस और दूसरे का 1050 डिग्री सेल्सियस होगा। जिसमें मेडिकल वेस्ट का निस्तारण किया जाएगा।
हड़िया, जैतापुर में केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के मानक के अनुसार 5 मीट्रिक टन क्षमता वाला दो चेंबर से युक्त इन्सीलेटर बनाने का काम शुरू हो गया है। यह प्रोजेक्ट बायो मेडिकल वेस्ट के सम्यक निस्तारण संरक्षण से युक्त है।
इसकी जिम्मेदारी संगम मेडिसर्व को सौंपी गई है। संस्था के निदेशक हरिओम शरण द्विवेदी ने बताया कि बायो मेडिकल वेस्ट का डिस्पोजल तीन चरणों में किया जायेगा।
परियोजना के प्रमोटर संदीप सिंह ने मेडिकल वेस्ट से होने वाले स्वास्थ्य के खतरों पर ध्यान आकृष्ट करते हुए अपने कार्य के प्रति प्रतिबद्धता जताई। जिला सूचना अधिकारी केके त्रिपाठी ने पर्यावरण संकट की ओर जनता का ध्यान
आकृष्ट करते हुए इसके संरक्षण के उपायों पर चर्चा किया। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. दिनेश कुमार यादव ने स्वास्थ्य की दिशा में इस कदम की सराहना किया। सीडीओ श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य की दिशा में ऐसे प्रयासों की गुणवत्ता पर
बल दिया। इस अवसर पर इण्डियन मेडिकल एसोसियेशन के अध्यक्ष डा. क्षितिज शर्मा, डा. वीएस उपाध्याय, डा. बीएम त्रिपाठी ने अपने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर इन्द्र प्रकाश उर्फ राका पाण्डेय, सुजीत सिंह, संजीव सिंह, विरेन्द्र, रवि कौल, रंजन ने भाग लिया। संदीप सिंह ने आभार जताया।