उद्यान एवं कृषि, विपणन, कृषि निर्यात, आयात राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने रविवार को उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सिद्दीकपुर का निरीक्षण किया। खामियां मिलने पर जिम्मेदारों को फटकार लगाई। पठन-पाठन व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
कॉलेज परिसर को साफ सुथरा और आकर्षक बनाने के साथ शिक्षा की व्यवस्था को सुधारने की नसीहत दी। किसी तरह की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी। मंत्री दिनेश प्रताप सिंह उमानाथ सिंह मेडिकल कॉलेज सिद्दीकपुर में दोपहर करीब 12 बजे पहुंचे थे। वह दो बजे तक परिसर में रुके थे। एक-एक कर सभी भवनों, व्यवस्था और संसाधनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फर्श में लगी टाइल्स घटिया देखी व पानी लिकेज, छत की फारसीलिंग, पेंटिंग में खामियों देखकर नाराजगी जाहिर की। अधूरे भवनों में आईपीडी, ओपीडी, एकेडमिक बिल्डिंग, लेक्चर हॉल, बॉयज हॉस्टल, गर्ल्स हॉस्टल, शौचालय, खेल के मैदान की बाउंड्रीवाल, भवन का निरीक्षण किया। अधूरे कामों को देख कर निर्माण निगम के पीएम को बुलाया गया, लेकिन मौके पर मौजूद नहीं थे। जिसके बाद एई राकेश सिंह को जमकर फटकार लगाई। हालात में सुधार लाने की नसीहत दी। इसके बाद वह ओपीडी में मरीजों की स्थिति को बारे में जानकारी ली। मंत्री से मिलने के लिए छात्रों को प्रिंसिपल कार्यालय में बुलाया गया। उन्होंने एक-एक कर समस्याओं के अंबार लगा दिया। इसमें पीने का पानी, लाइब्रेरी, क्लासरूम, कैंटीन, रोड, एसी की समस्या लेकर तमाम खामियां बताई। इस पर उन्होंने प्रिंसिपल प्रो. शिवकुमार को कहा कि पठन-पाठन में सुधार लाएं। अगर भवन क्लासरूम नहीं है तो वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। तत्काल कैंटीन की व्यवस्था की जाए । एसी को दुरुस्त कराया जाए। पीने का पानी, बाउंड्री वॉल को तत्काल मेंटेन किया जाए। बच्चों का आश्वासन दिया कि एक-एक करके उनकी समस्याओं का निदान किया जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी अनुज कुमार से भी इन समस्याओं के निस्तारण पर वार्ता की। राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सभी समस्याओं का निस्तारण हर हाल में 6 महीने के अंदर हो जाना चाहिए। इस मौके पर सीडीओ साईं तेजा सीलम, शिक्षक व छात्र मौजूद रहे।